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किशारी से दुष्कर्म की पुष्टि, सीओ का तबादला

Wed, 04 Dec 2013 01:33 AM IST
अमर उजाला, गौरीगंज
अमर उजाला, गौरीगंज Updated Wed, 04 Dec 2013 01:33 AM IST
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confirmation of rape in medical test, co transferred

किशोरी के यौन शोषण के आरोपों में घिरे सीओ मुसाफिरखाना की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। किशोरी के मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।

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विस्तृत परीक्षण के लिए सैंपल की स्लाइड सुल्तानपुर और लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजी गई है।

उधर, धमकी देने वाले एसओ और सिपाही को लाइनहाजिर कर दिया गया जबकि आरोपी सीओ का तबादला किया गया है।

मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र की एक किशोरी ने सोमवार दोपहर एसपी से मिलकर सीओ विपुल श्रीवास्तव पर नौकरी व शादी का झांसा देकर लखनऊ स्थित होटल में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
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केस दर्ज होने के बाद पीड़ित का मेडिकल कराया गया। मेडिकल होने के कुछ घंटे बाद जहां तात्कालिक जांच रिपोर्ट महिला थाना एसओ को सौंप दी वहीं स्लाइड सुल्तानपुर व डीएनए और साइको सोमैटिकस्टेट की स्लाइड लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजी गई है।
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मेडिकल करने वाली डॉक्टर ने बताया कि तीनों स्लाइड की जांच रिपोर्ट मिलने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के संबंध में उन्होंने अधिकृत रूप से कुछ कहने से इनकार किया। हालांकि एक पुलिस अधिकारी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात स्वीकार की है।


पीड़िता के पिता को फोन कर सीओ के खिलाफ कार्रवाई न करने अन्यथा परिणाम भुगतने की धमकी देने वाले एसओ मुसाफिरखाना मनोज तिवारी को एसपी ने सोमवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया। थाने के उस सिपाही अरुण तिवारी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है जिसने सीओ के कहने पर पीड़िता के पिता से मामला रफा-दफा करने को कहा था।

कार्रवाई के बजाए सिर्फ तबादला
किशोरी से रेप के मामले में घिरे सीओ मुसाफिरखाना विपुल कुमार श्रीवास्तव पर कार्रवाई के बजाए उनका स्थानांतरण शासन ने सोमवार देर रात सीबीसीआईडी लखनऊ कर दिया। तबादले को इसी प्रकरण से जोड़कर देख जा रहा है। हालांकि कुछ लोग इसे रुटीन ट्रांसफर बता रहे हैं।

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