लंदन में पकड़ा गया ठग निकला यूपी का निवासी
पारिवारिक और व्यापारिक दुखों से छुटकारा दिलाने के नाम पर ठगी करने पर भारतीय मूल के एक व्यक्ति मोहम्मद उमर अशरफी को लंदन में लिचेस्टर के क्राउन कोर्ट ने नौ साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला व्यक्ति अमरोहा का निवासी बताया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने ही इंटरनेट पर दी गई तस्वीर के आधार पर उसकी पहचान की। उनके मुताबिक पकड़ा गया व्यक्ति अमरोहा क्षेत्र में एक औद्योगिक इकाई का संचालन कर रहा है।
भारतीय मूल का यह व्यक्ति पिछले कई वर्षों से आस्था से खिलवाड़ कर लोगों को ठग रहा था। उस पर करीब 1.5 मिलियन डॉलर की ठगी का आरोप है। टोरंटों, मिशिगुआ आदि अनेक स्थानों पर लोगों से ठगी कर चुका है। टोरंटो के एक दैनिक समाचार पत्र ने इस घटना को प्रकाशित किया था।
इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई। रोशन भाई और कमाल जी के नाम से यह ठगी करता था।
बाबा बनकर करता था ठगी
लंदन में प्रकाशित खबर की माने तों उसने खुद को संत का अवतार बताया और लोगों को दुख दर्द दूर करने की कहानी सुनाकर ठगी की। लोगों ने अपनी दुकान, मकान आदि बेचकर उसे पैसे दिए। लॉटरी का टिकट देकर उनके दर्द दूरे करने की कहानी रची जाती थी। भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोगों को यह अपना निशाना बनाता था।
सिख समुदाय के अनेक लोगों से इसने ठगी की है। एक पीड़ित परमजीत भुल्लर के मुताबिक उमर उनसे तब मिला जब वह काफी परेशानियों में थे। उमर अशरफी ने उनके सामने अंडे काटकर उसमें से एक लॉटरी का टिकट निकालकर दिया। बताया गया कि यह लकी नंबर का टिकट है। इसके बदले 60 हजार डालर परमजीत से लिए गए। 21 फरवरी को लिचेस्टर की कोर्ट ने उमर अशरफी को नौ साल की सजा सुनाई है। इस मामले में अभी पुलिस और पूछताछ कर रही है।
उमर के खिलाफ 15 ठगी और एक ब्लैकमेलिंग का मुकदमा विभिन्न देशों में दर्ज है। इंटरनेट पर दी गई तस्वीर के आधार पर जब अमरोहा क्षेत्र में जानकारी की गई तो बताया गया कि तस्वीर वाला व्यक्ति जिले के उझारी क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। वह कई वर्षों से क्षेत्र में नहीं रहता है। परिवार कहीं बाहर ही रहता है।