फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   compulsion to live one day life at just 17 rs

एक दिन की जिंदगी की कीमत महज 17 रुपये

Thu, 20 Jun 2013 07:31 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 20 Jun 2013 07:31 PM IST
विज्ञापन
compulsion to live one day life at just 17 rs
विकास की दौड़ में निरंतर आगे बढ़ने वाले भारत में एक वर्ग ऐसा भी है, जो रोजाना महज 17 रुपये पर जिंदगी बसर करने को मजबूर है।
विज्ञापन


नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों में देश की एक यह तस्वीर सामने आई है।

यह आंकड़े न सिर्फ देश के गरीबों की स्थिति बयान कर रहे हैं बल्कि अमीरों और गरीबों के बीच गहरी होती खाई को भी सामने ला रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक देश का एक वर्ग ग्रामीण क्षेत्र में सिर्फ 17 रुपये और शहरी क्षेत्र में 23 रुपये प्रतिदिन पर जिंदगी काट रहा है।

वर्ष 2011-12 (जुलाई-जून) के दौरान इकठ्ठे किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश की पांच फीसदी आबादी ऐसी है, जो बेहद मुश्किल हालात में दिन गुजार रही है।

ग्रामीण क्षेत्र में औसत प्रति व्यक्ति मासिक खर्च (एमपीसीई) 521.44 रुपये है जबकि शहरी क्षेत्र में यह खर्च 700.50 रुपये है। दूसरी ओर देश की शीर्ष पांच फीसदी जनसंख्या की बात करें, तो ग्रामीण क्षेत्र में औसत खर्च 4,481 रुपये और शहरी क्षेत्र में 10,282 रुपये है।

रिपोर्ट के मुताबिक देश के 7,496 गांवों और 5,263 शहरी ब्लॉक से एनएसएसओ ने अपने सर्वे के 68वें राउंड के दौरान यह आंकड़े इकठ्ठे किए हैं। पूरे भारत में ग्रामीण क्षेत्र में प्रति व्यक्ति औसत खर्च 1430 रुपये और शहरी भारत में 2,630 रुपये है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि शहरी क्षेत्र का औसत खर्च ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में 84 फीसदी ज्यादा है, फिर भी राज्यों में इन आंकड़ों में बहुत ज्यादा अंतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक औसत ग्रामीण भारतीय अपने कुल खर्च का 52.9 फीसदी खाने पर खर्च करता है। इसमें 10.8 प्रतिशत अनाज और अनाज के विकल्प, 8 फीसदी दूध व दूध से बने उत्पाद, 7.9 फीसदी पेय, नाश्ता और प्रोसेस्ड फूड और 6.6 प्रतिशत सब्जियों आदि पर खर्च होता है।


गैर खाद्य श्रेणी में ग्रामीण भारतीय ईंधन व घरेलू चीजों पर 8 फीसदी, कपड़े और जूते-चप्पल आदि पर 7 प्रतिशत, दवाइयों पर 6.7 प्रतिशत, शिक्षा पर 3.5, वाहन पर 4.2, अन्य उत्पाद सेवाओं पर 4 प्रतिशत और उत्पादों पर 4.5 प्रतिशत खर्च करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed