शीला दीक्षित के खिलाफ शिकायत, दर्ज होगी एफआईआर
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स्पेशल जज संगीता ढींगरा सहगल की कोर्ट में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की ओर से पेश हुए विशेष मुख्य अधिवक्ता आरपी यादव ने अदालत में कहा कि एसीबी जल्द ही इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने जा रही है। मामले की जांच रिपोर्ट केस की अगली सुनवाई (26 फरवरी 2013) को अदालत में पेश की जाएगी। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने अपना जवाब आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग की शिकायत के मद्देनजर दिया है। शिकायत में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, अरविंदर सिंह लवली व पूर्व परिवहन आयुक्त आर के वर्मा पर कमर्शियल वाहनों की लेन टेस्टिंग का ठेका बिना टेंडर मैसर्स ईएसपी इंडिया को देने का आरोप लगाया है।
एसीबी ने कोर्ट में एफआईआर दर्ज करने की बात स्वीकार की लेकिन इस मुद्दे पर एसीबी ने अदालत में कुछ नहीं कहा कि रिपोर्ट किस आधार पर दर्ज होगी गर्ग की शिकायत के आधार पर या फिर स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर। अपनी स्टेटस रिपोर्ट में एसीबी ने मुख्यमंत्री व तत्कालीन परिवहन मंत्री अरविंदर सिंह लवली को क्लीन चिट दी थी। शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि एसीबी शिकायत के अनुरूप व उसमें दिए लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए बाध्य है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व परिवहन मंत्री लवली, वर्मा व मैसर्स ईएसपी के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी। मामले की पिछली सुनवाई पर एसीबी ने कहा था कि मुख्यमंत्री की ओर से मंजूरी योजना, वित्त व विधि विभाग से राय लेने के बाद दी गई थी। शीली दीक्षित और लवली की ओर से कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि परिवहन विभाग व ईएसपी इंडिया के बीच 27 फरवरी 2008 व तीन फरवरी 2010 को समझौता केबिनेट द्वारा स्वीकृत शर्तों के आधार पर हुआ था।