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कानपुर में भीषण सांप्रदायिक संघर्ष, एसओ को गोली लगी

Sat, 24 Oct 2015 11:56 PM IST
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:56 PM IST
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communal violence in kanpur

कानपुर के दर्शनपुरवा इलाके में शुक्रवार देर रात मुहर्रम जुलूस के दौरान दूसरे धर्म के बैनर फाड़ने से उठे विवाद ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया। सुबह से ही इलाकाई जनता और हिन्दू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी कर कालपी रोड पर जाम लगा दिया।

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नारेबाजी के बीच डिप्टी पड़ाव चौराहे से फजलगंज चौराहे तक बवाल शुरू हो गया। बाजार बंद हो गए। भीड़ मुहर्रम जुलूस न निकलने देने पर अड़ गई और मौके पर पहुंची पुलिस पर पथराव कर दिया। आईजी और एसपी पहुंचे तो उनसे भी धक्का-मुक्की कर दी गई। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो भीड़ ने फिर पथराव किया। निजी वाहनों पर भी ईंट-पत्थर चलाए गए। राहगीरों को भी पीटा।
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डीएम, एसएसपी, पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया। हर गली से भीड़ निकल-निकल कर कालपी रोड पर आने लगी और पथराव करती रही। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज, रबर बुलेट और आंसू गैस के गोले चलाए लेकिन हालात काबू में नहीं आए। उधर जरीब चौकी क्रासिंग, डिप्टी पड़ाव और भन्नाना पुरवा चौराहे पर दूसरे समुदाय के लोग भी सड़कों पर उतर आए और जवाबी पथराव और फायरिंग हुई।
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बादशाहीनाका इंस्पेक्टर द्रविड़ कुमार और पुलिस लाइन के आरआई को गोली लगी है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बवाल भन्नाना पुरवा से होकर चमनगंज तक पहुंच गया और चंद्रिका देवी चौराहे पर भी दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए और पथराव हो गया। आगजनी भी की गई। देर शाम तक पुलिस, पीएसी, सीआईएसएफ, स्वाट टीम उपद्रवियों से मोर्चा ले रही थी लेकिन भीड़ की ओर से फायरिंग जारी थी।

भीड़ गलियों से निकल-निकल कर पथराव कर रही थी। पथराव और भगदड़ में डीएम, एसएसपी और एसपी समेत कई लोगों को चोट आई हैं। रात तक बवाल थम नहीं सका। हालात न संभलते देख चार कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ, एक कंपनी बीएसएफ, सीआईएसएफ, 10 जिलों से सीओ, एसओ के अलावा उन्नाव-हरदोई से भी फोर्स बुलाई गई है।

शनिवार देर शाम से शहर में दंगा नियंत्रण स्कीम और धारा 144 लागू हो गई। एसएसपी ने बताया कि दर्शनपुरवा, भन्नापुरवा, चमनगंज समेत सभी प्रभावित इलाकों में पुलिस, पीएसी और पैरामिलेट्री फोर्स ने कड़ा सुरक्षा घेरा बना लिया है। ऊंची इमारतों पर दूरबीन से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। बैरीकेडिंग की जा रही है। सभी पुलिसकर्मियों को बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, डंडा और शस्त्र के साथ ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया से अफवाह फैलाने के मामले में कई लोगों के नंबर सर्विलांस पर लिए गए हैं।

आईजी के साथ भी की गई धक्का-मुक्की

communal violence in kanpur

शुक्रवार रात करीब एक बजे जरीब चौकी चौराहे से फजलगंज की ओर मुहर्रम का जुलूस जा रहा था। जुलूस के साथ लोग मातम करते चल रहे थे। दर्शनपुरवा में श्री लगन साड़ीज के सामने हिन्दू संगठनों ने जुलूस में शामिल लोगों को पानी पिलाने के लिए स्टाल लगाया था। वहीं पर उनके धार्मिक बैनर भी लगे थे। जुलूस में शामिल लोगों ने वो बैनर फाड़ दिए और बेअदबी की।

इससे आक्रोशित लोगों ने कालपी रोड जाम कर नारेबाजी की थी। देर रात पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया था। लेकिन, शनिवार सुबह करीब आठ बजे इलाकाई और हिन्दूवादी संगठनों के लोग सड़क पर आ गए। कालपी रोड पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा, विहिप नेता शैलेंद्र त्रिपाठी समेत कई नेता वहां पहुंच गए। हाथों में झंडे-डंडे लेकर सैकड़ों लोग उन्मादी नारे लगाने लगे।

बवाल की सूचना पाकर आईजी आशुतोष पांडेय, सीआईएसएफ, पीएसी और कई थानों की फोर्स पहुंची। आईजी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद डीएम कौशलराज शर्मा, एसएसपी शलभ माथुर, एसपी पश्चिम राजेश एस, एसपी पूर्वी देवरंजन वर्मा, एडीएम सिटी अविनाश सिंह, एसपी कंट्रोल रूम, एसपी क्राइम भारी फोर्स के साथ दर्शनपुरवा पहुंचे।

एसएसपी को कमान सौंपने के बाद आईजी कन्नौज के लिए रवाना हो गए। एसएसपी और डीएम ने हिन्दूवादी संगठनों की मांग को मान लिया और दोनों समुदाय के लोगों की बैठक कराई। समुदाय विशेष के लोगों ने शुक्रवार रात बैनर फाड़ने के मामले में अपनी गलती मानते हुए लिखित माफी मांगी।

एसएसपी ने चलाए आंसू गैस के गोले

communal violence in kanpur

एडीएम ने माफीनामा भीड़ को दिखाया लेकिन बात नहीं बनी। भीड़ फजलगंज और दर्शनपुरवा से मुहर्रम के जुलूस न निकलने देने की मांग पर अड़ी रही। पुलिस ने रास्ता खाली कराने का प्रयास तो भीड़ ने एसएसपी और डीएम पर पथराव कर दिया। इस पर एसएसपी ने खुद आंसू गैस के गोले चलाए। पुलिस वालों ने रबर बुलेट चलाईं। इसके बाद लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा गया।

पुलिस ने दर्शनपुरवा से श्याम भवन चौराहे और राम नगर चौराहे तक उपद्रवियों को खदेड़ा और आंसू गैस के गोले चलाए। पुलिस के दौड़ाने पर भीड़ गलियों के अंदर घुस जाती और फिर बाहर निकल कर पथराव कर देती। गुमटी नसीमाबाद से ताजिया उठा तो लोगों ने पथराव कर दिया। यहां पर एसपी पश्चिम पर भी ईंट-पत्थर चलाए गए।

यह सब चल ही रहा था कि जरीब चौकी चौराहे पर जुटे दूसरे समुदाय के लोग हंगामा करने लगे। मुहर्रम जुलूस रोके जाने की सूचना पर चमनगंज के लोग भन्नापुरवा चौराहा पर आ गए। ये लोग नारेबाजी करते हुए संगीज टॉकीज तक पहुंच गए तो दूसरे समुदाय के लोग भी इकट्ठा हो गए और जवाबी पथराव हो गया। दो बाइकें फूंक दी गईं।

फोर्स पहुंची तो भीड़ संकरी गलियों में घुस गई और पथराव किया। गलियों से रह-रह कर गोलियां भी चलती रहीं। फोर्स गलियों में जाती तो भीड़ छिप जाती और फिर बाहर निकल आती। यह लुका-छिपी देर शाम तक चलती रही। देर शाम डिप्टी पड़ाव चौराहा पर भी दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए।

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