फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   communal violence bill is devastating says modi

विध्वंसकारी है सांप्रदायिक हिंसा बिल: मोदी

Thu, 05 Dec 2013 09:41 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 05 Dec 2013 09:41 PM IST
विज्ञापन
communal violence bill is devastating says modi

संसद में पेश होने से पहले ही सांप्रदायिक हिंसा निवारण बिल पर सियासी संग्राम छिड़ गया है।

विज्ञापन


महंगाई के मुद्दे पर चौतरफा घिरी सरकार अब इस विवादित बिल को संसद में पेश करने की तैयारी में है। जबकि शुरू से ही इस बिल का विरोध कर रही भाजपा पूरी तरह से मैदान में उतर आई है।

पार्टी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस बिल को विध्वंसकारी करार देते हुए इसका सख्त विरोध किया है।

पढ़ें:- दिग्विजय ने माना, मोदी बन सकते हैं प्रधानमंत्री
विज्ञापन


बिल के समर्थक रहे लेफ्ट ने भी अब इसके कई प्रावधानों पर सख्त ऐतराज जताया है। हालांकि सरकार बिल को कानूनी जामा पहनाने को कोशिश जरूर कर रही है, मगर समर्थन के अभाव के कारण इस बिल का संसद की सीढ़ी लांघना बेहद मुश्किल है। वैसे भी सरकार का इरादा इस बिल के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखा कर अल्पसंख्यकों में राजनीतिक संदेश देने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिल के समर्थन में उतरी कांग्रेस ने मोदी के  विरोध को राजनीतिक करार दिया है। इस सियासी घमासान के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार बिल पर आम सहमति बनाएगी। उन्होंने कहा कि  सरकार की कोशिश उन सभी मामलों पर सर्वसम्मत्ति बनाने की होगी जो वैधानिक महत्व के हैं।

पढ़ें:- 'नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती'

भाजपा के ऐतराज को खारिज कर सरकार ने बिल को लेकर अपने इरादे जता दिये हैं। सरकार बिल को राय के लिए कानून मंत्रालय के साथ ही सभी राज्यों को भेज चुकी है।

अब केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान समेत सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने एक सुर में कहा कि इस बिल को मौजूदा सत्र में ही पास कराने की कोशिश की जाएगी।


शिंदे ने कहा कि यह बिल इसी सत्र में पास हो जाएगा। मोदी ने अपना किया है, हमें अपना काम करना है। बहरहाल, माना जा रहा है कि महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर घिरी सरकार ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस बिल को लाने की रणनीति बनाई।

सरकार ने बेवजह बढ़ाया दायरा: लेफ्ट
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने बिल के प्रावधानों पर ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकार ने इसका दायरा बढ़ा दिया। अब ट्रेड यूनियन से लेकर अन्य तरह की हिंसा भी इसके दायरे में होगी। उन्होंने कहा कि यूपीए की पहली पारी के दौरान लेफ्ट की मांग पर ही यह बिल बनाया गया था। इसके दायरे में सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा देने व उनके पुनर्वास का मामला रखा जाना था, लेकिन सरकार ने बेवजह इसका दायरा बढ़ा दिया।

बिल तबाही का नुस्खा: मोदी
नरेंद्र मोदी ने पीएम को लिखे पत्र में बिल को बेकार बताते हुए इसे ‘रेसिपी फॉर डिजास्टर’ यानी तबाही का नुस्खा करार दे दिया। मोदी ने कहा कि बिल लाने का समय संदिग्ध है और इसका मसौदा भी सही नहीं है। मोदी ने इसे राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल बताते हुए कहा कि कोई भी कदम उठाने से पहले राज्य सरकारों, राजनीतिक दलों, पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों से भी व्यापक विचार-विमर्श करने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed