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वेस्ट यूपी में बवाल के लिए आतंकियों का नया मॉड्यूल

Wed, 10 Sep 2014 08:27 AM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 08:27 AM IST
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communal modules of terrorists in west up

आतंकी संगठन वेस्ट यूपी को सांप्रदायिक बवालों की आग में झुलसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए जिलों में कम्युनल मॉड्यूल्स तैयार किए जा रहे हैं। इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख का नेपाल के रास्ते बरेली होते हुए मुरादाबाद आना और फिर सहारनपुर पहुंचना, यही संकेत दे रहा है। खुफिया एजेंसियों को पूछताछ में कई नाम पता लगे हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। माहौल न बिगड़े, इसलिए तमाम लोगों की निगरानी भी कराई जा रही है।

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देश में पिछले सालों में हुई आतंकी वारदातों के बाद भी अलकायदा, इंडियन मुजाहिदीन, लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। पिछले दिनों अलकायदा की ओर से जारी हुए वीडियो टेप में आतंकी गतिविधियों का जिक्र नहीं, बल्कि भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का आह्वान था। इसके बाद देश भर में अलर्ट कर दिया गया। लेकिन चार दिन पहले सहारनपुर में इंडियन मुजाहिदीन के टेक्निकल हेड एजाज शेख की गिरफ्तारी ने अलकायदा की कोशिशों को उजागर कर दिया। खुफिया सूत्रों की मानें तो इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी भी देश भर में ऐसे कम्युनल मॉड्यूल्स तैयार करने में जुटे हैं जो वक्त पड़ने पर बडे़ बवाल करा सकें।
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आईबी के एक अफसर ने बताया कि एजाज को रिमांड पर लेने के बाद कई बातों का पता लगा है। आतंकियों का पुराना ट्रेंड अब बदल गया है। वे सरकार को अंदरूनी स्तर पर नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। मुमकिन है कि उन्होंने मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बरेली आदि शहरों में इस तरह का नेटवर्क तैयार कर लिया हो।
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आतंकी की गिरफ्तारी पर दिल्ली-यूपी पुलिस में ठनी

communal modules of terrorists in west up

इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी की गिरफ्तारी पर अब दिल्ली और यूपी पुलिस में ठन गई है। सहारनपुर पुलिस जांच रिपोर्ट के जरिए दिल्ली पुलिस को घेरने के जतन में जुट गई है। सहारनपुर पुलिस का दावा है कि आतंकी एजाज को नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया गया था। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर आतंकी को किसी और शहर से गिरफ्तार किया गया तो उसे सहारनपुर क्यों लाया गया। दिल्ली पुलिस के खुलासे से यूपी पुलिस की नींद उड़ चुकी है। ऐसे में अपनी जांच रिपोर्ट के जरिए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करने की तैयारी की जा रही है।

आईएम के सबसे सक्रिय सदस्य एजाज शेख को दिल्ली पुलिस ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। इसके बाद सदर पुलिस में आमद और रवानगी भी दर्ज कराई। इस ऑपरेशन के बाद दिल्ली पुलिस ने देश में वाहवाही लूटी। उधर, सहारनपुर पुलिस को कई घंटों तक इस ऑपरेशन की भनक तक नहीं थी। मीडिया में खबरें आने के बाद इसका खुलासा हुआ और पुलिस की किरकिरी भी खूब हुई।

अब पुलिस दिल्ली पुलिस के इस ऑपरेशन को ही कटघरे में खड़ा करने में जुटी है। सहारनपुर पुलिस रेलवे स्टेशन पर लगे 32 कैमरों का दावा कर रही है और उसमें किसी तरह की फुटेज नहीं होने पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम पर ही सवाल खड़े करने की तैयारी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन का खुलासा करते बताया था कि नेपाल बार्डर से लौटते समय पहले लखनऊ और फिर मुरादाबाद में ट्रेन बदलकर एजाज दिल्ली पहुंचने की फिराक में था। सहारनपुर से गिरफ्तारी से साफ तौर पर यूपी पुलिस की नाकामी दिखाई दे रही है। हालांकि दिल्ली पुलिस भी ऑपरेशन और कामयाबी पर खुलकर कुछ बोलने के मूड में नहीं है।

यूपी पुलिस का दावा

सहारनपुर में दंगे के बाद दिल्ली पुलिस ने यहां से आतंकी की गिरफ्तारी दिखाकर वाहवाही लूटने की कोशिश की है। एजाज आईएम का सक्रिय सदस्य है, लेकिन यूपी में वह कभी नहीं आया। नेपाल बार्डर से लौटते समय दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। सवालों से भी घेरने की तैयारी है। अगर रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार किया गया है तो इसकी फुटेज कैमरे में क्यों नहीं है। इतनी बड़ी कामयाबी पर बिना किसी अधिकारी से संपर्क किए टीम केवल मुंशी के सामने लिखा पढ़ी कर क्यों चली गई।

दिल्ली पुलिस अपनी बात पर अडिग

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नाम नहीं छापने की शर्त पर दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इतनी बड़ी कामयाबी पर यूपी पुलिस अपनी झेप छिपाने में जुटी है। आतंकी की गिरफ्तारी पर इस तरह सवाल उठाना कतई सही नहीं है। यूपी पुलिस को इसमें अपनी हार दिखाई दे रही है। यूपी पुलिस खुद की पीठ थपथपाने के लिए अब नए तरीके तलाश रही है। उसे इसकी बजाय आतंकी से जुड़े अन्य पहलुओं पर काम करना चाहिए।

आतंकियों की तलाश धीमी

जिस तरह से यूपी और दिल्ली पुलिस के बीच ठनी है, ऐसे में देवबंद में छिपे आतंकियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। आतंकी एजाज ने खुलासा किया था कि देवबंद में तीन आतंकी छिपे हैं। ऐसे में पुलिस अब तक देवबंद से कोई सुराग नहीं लगा पाई है। उधर, दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन को कठघरे में खड़ा करने की जुगत में आतंकियों की तलाश में छेड़ा गया ऑपरेशन भी धीमी पड़ गया है।

एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि जांच के जरिए हम सच्चाई सामने लाना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन से कोई आपत्ति नहीं है, मगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी हुई तो सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं है। इन सवालों के जवाब के लिए जांच कराई जा रही है।

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