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कॉमर्शियल टैक्स चोरी की तो खाएंगे जेल की हवा

Sat, 20 Oct 2012 09:28 PM IST
लखनऊ/नरेश शर्मा
लखनऊ/नरेश शर्मा Updated Sat, 20 Oct 2012 09:28 PM IST
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Commercial tax evasion will go jail

उत्तर प्रदेश में अब फर्जी दस्तावेज के जरिए कॉमर्शियल टैक्स की चोरी करने पर व्यापारियों को जेल की हवा खानी पड़ेगी। ऐसे व्यापारियों पर धोखाधड़ी एवं गबन की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा, जिसके तहत गिरफ्तारी होगी। वाणिज्य कर अफसरों को इस मुकदमा की पैरवी तब तक करनी होगी जब तक कि कर चोरी करने वाले व्यापारी को दंड न मिल जाए।

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वहीं टैक्स चोरी में सहयोग करने वाले ट्रांसपोर्टर भी नपेंगे और उनके ट्रक का पंजीयन निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की रिपोर्ट को वाणिज्य कर आयुक्त को एक प्रोफॉर्मा में भर कर भेजना होगा। अब तक फर्जी दस्तावेज के जरिए माल परिवहन पर व्यापारी को जुर्माना वसूल छोड़ दिया जाता था।
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वाणिज्य कर आयुक्त हिमांशु कुमार ने ‘टैक्स चोर सिंडीकेट’ पर शिकंजा कसने को लेकर विभाग के सभी विशेष अनुसंधान शाखा के एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-दो) को आदेश दिए हैं। आयुक्त की तरफ से नौ अक्तूबर को पत्रांक संख्या-1223 से ज्वाइंट कमिश्नर (विशेष अनुसंधान शाखा) संपूर्णा नंद पांडेय ने सभी एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-दो) को सर्कुलर भेजा है।
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उन्होंने कहा कि सचल दल अधिकारियों की चेकिंग के दौरान फर्जी दस्तावेज यानी फॉर्म-38, माल बिल, फर्म आदि से माल का परिवहन पकड़ा जाए। वहीं व्यापारी के विशेष अनुसंधान शाखा की जांच के दौरान सरकारी कार्य में व्यवधान डालने पर संबंधित थाने में उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर महकमे के साथ धोखाधड़ी कर सरकारी राजस्व का गबन करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए।

इस मुकदमे के वादी विशेष अनुसंधान शाखा के एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-दो) होंगे, जिनकोइस सिलसिले में तहरीर देकर पैरवी करनी होगी। इसके बाद वादी को एक प्रोफॉर्मा पर इसका ब्योरा आयुक्त को भेजना पड़ेगा। इस आदेश के बाद दर्ज हुए मुकदमों की पहली रिपोर्ट 22 अक्तूबर तक भेजनी पड़ेगी।

ट्रक का पंजीयन निरस्त कराएंगे
टैक्स चोरी का माल जिस ट्रक से पार होते पकड़ा जाएगा तो उसका ट्रांसपोर्टर भी कार्रवाई की जद में आएगा। ऐसे ट्रांसपोर्टर पर भी वाणिज्य कर अधिकारी मुकदमा दर्ज कराएगा। इसके बाद अधिकारी विधिक कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्टर की कारस्तानी के बारे में परिवहन आयुक्त से लिखित रूप से शिकायत कर उसके ट्रक के पंजीयन को निरस्त कराने की पैरवी करेंगे।


11 साल बाद दूसरा आदेश
महकमे ने 11 साल बाद कर चोरी के मामलों में व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के संबंध में दूसरा आदेश जारी किया है। इससे पूर्व वर्ष 2001 में भाजपा सरकार कें प्रमुख सचिव (कर एवं निबंधन) टी. जॉर्ज जोजफ ने टैक्स चोरी पाए जाने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था जो महीने भर के भीतर ही स्थगित हो गया था। जोजफ के आदेश से व्यापारियों का उत्पीड़न शुरू हो गया था, दरअसल आदेश में तमाम चीजें स्पष्ट नहीं थी।

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