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15 करोड़ की ड्रग तस्करी करते धरा गया कर्नल
इंफाल/एजेंसी
Updated Sun, 24 Feb 2013 11:50 PM IST
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सेना में कर्नल रैंक के एक पब्लिक रिलेशन ऑफिसर को रविवार को मणिपुर पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। इन ड्रग्स की कीमत 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन्हें पड़ोसी देश म्यांमार भेजा जा रहा था। राज्य में अब तक का यह पकड़ा गया सबसे बड़ा ड्रग्स का जखीरा है। कर्नल के साथ पांच गिरफ्तारियां और की गई हैं।
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राज्य पुलिस के अनुसार चांदेल जिले के पल्लेल में तीन वाहनों में ये ड्रग्स पकड़े गए। पुलिस ने कर्नल अजय चौधरी, उनके सहयोगी आरके बबलू, इंडिगो असिस्टेंट मैनेजर बृजेंद्र सिंह के अलावा तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है।
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सूत्रों के अनुसार विभिन्न ब्रांड की ये दवाएं म्यांमार की सीमा से लगे मोरेह शहर ले जाई जा रही थीं। जहां से इन्हें सीमा पार भेजा जाना था। स्यूडोएफेड्राइन ड्रग्स वाली ये दवाएं म्यांमार में नशीले तत्व के रूप में लोकप्रिय हैं।
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स्यूडोएफेड्राइन का इस्तेमाल आम तौर पर सर्दी की दवाओं में किया जाता है, जो ज्यादा मात्रा में लेने पर धड़कन और रक्त संचार तेज करता है। साथ ही शरीर में बड़ी मात्रा में ऊर्जा पैदा करता है। सूत्रों का दावा है कि कर्नल पर नागरिक अदालत में मुकदमा चलेगा। आम तौर पर ऐसा कम ही होता है।
नई दिल्ली में सेना के प्रवक्ता कर्नल जगदीप दहिया ने कहा, ‘मणिपुर पुलिस ने ये गिरफ्तारियां रविवार सुबह कीं।’ उन्होंने कहा कि यदि ये लोग दोषी पाए गए तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सेना इस मामले में मणिपुर पुलिस का सहयोग करेगी। मणिपुर के पल्लेल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि गिरफ्तारी की धाराएं नहीं बताई गई हैं।
वहीं कर्नल चौधरी ने कहा कि उन्हें ‘धोखा’ दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी के रिश्तेदार ने उन्हें साथ चलने को कहा था। चौधरी के अनुसार, ‘मैं उससे पहले दो-तीन बार मिल चुका था। उसने कहा कि मैं बिजनेस के सिलसिले में मोरेह जा रहा हूं, लेकिन रास्ते में कुछ लोग परेशान करते हैं। अत: आपकी मदद चाहिए।’
उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता था कि गाड़ियों में क्या है। उस व्यक्ति से परिचित होने के कारण उस पर मैंने संदेह नहीं किया। हालांकि चौधरी ने वरिष्ठ अधिकारी का नाम नहीं बताया।