कोलेजियम सिस्टम खत्म, अब ऐसे होगी जजों की नियुक्ति
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सर्वोच्च अदालत और देशभर के उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों को नियुक्त करने की 20 वर्षों से चली आ रही कोलेजियम प्रणाली अब इतिहास बन गई है।
केंद्र सरकार ने सोमवार को कोलेजियम प्रणाली को औपचारिक तौर पर खत्म कर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम 2014 और 99वें संविधान संशोधन अधिनियम 2014 को अधिसूचित कर दिया। हालांकि इस आयोग को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को सर्वोच्च अदालत की संवैधानिक पीठ सुनवाई करेगा।
इस अधिसूचना के जारी होने के साथ ही अब सर्वोच्च न्यायालय और 24 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायाधीश नहीं बल्कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग करेगा। इसके साथ ही विवादों में चल रहे कोलेजियम प्रणाली का अंत हो गया।
SC की संवैधानिक पीठ करेगी सुनवाई
पिछले साल अगस्त महीने में यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। आयोग में सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश एवं दो वरिष्ठतम न्यायाधीश, कानून मंत्री और दो नामचीन लोग होंगे। नामचीन लोगों का चयन एक समिति करेगी।
समिति में सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता होंगे। एक नामचीन व्यक्ति का चयन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक या महिला से होगा।
कोलेजियम प्रणाली को लेकर गत कई सालों से उठ रहे सवाल और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव का हवाला देते हुए सरकार ने इस विधेयक को लाने का निर्णय लिया था।