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एक कॉलेज ऐसा, जहां 5 साल से नहीं हुआ कोई पास

Tue, 04 Jun 2013 06:00 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 04 Jun 2013 06:00 PM IST
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college that has never seen students pass out

ओडिशा में एक कॉलेज ऐसा है जिसके उसके शुरू होने के समय से एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। इस साल भी कॉलेज ने 100 फीसदी फेल होने का अपना रिकॉर्ड बनाए रखा है।

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टाईम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गजपती जिले के जिरांगो कस्बे के जूनियर साइंस कॉलेज में पिछले पांच साल से एक भी स्टूडेंट् पास नहीं हुआ है।
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यहां इस साल भी प्लस टू विज्ञान की परीक्षा में कोई स्टूडेंट पास नहीं हुआ।

स्कूल प्रिसिंपल के अनुसार यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव ही ऐसे परीक्षा परिणाम का कारण है। कई बार शिकायत करने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ है।

2007 में शुरू हुआ कॉलेज
राज्य सरकार ने वर्ष 2007 में इस कॉलेज की स्थापना की थी। साल 2009 में कॉलेज का पहला बैच शुरू हुआ था। इस साल 27 में से 20 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी, जिसमें से कोई भी पास नहीं हुआ है।
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यह कॉलेज अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए केंद्र सरकार की मदद से बनाया गया था। 2009 में 14 बच्चों ने इसमें प्रवेश लिया था। अगले साल केवल पांच स्टूडेंट्स ने ही परीक्षा दी।

उसके बाद साल 2011 और 2012 में केवल क्रमश: चार और छह स्टूडेंट्स ने ही परीक्षा दी थी।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव
कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक ऐसे परीक्षा परीणाम की वजह यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां पर बरहामपुर के खालीकोट जूनियर कॉलेज के दो टीचर हफ्ते में तीन दिन ही बॉटनी और गणित पढ़ाते हैं।

कॉलेज की प्रिंसिपल केसी पढी ने बताया कि यहां केमेस्ट्री, फिजिक्स, जूलॉजी और इंगलिश पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है।

इस कॉलेज में बहुत सारे कमरे तो हैं लेकिन स्टूडेंट्स के लिए लैबोरेटरी तक नहीं है। यहां पावर और टेलीफोन की सुविधा भी नहीं है।

शिकायत का कोई असर नहीं
गजपति के कलेक्टर बासुदेव भानीपति ने बताया कि उन्होंने कॉलेज में स्थायी अध्यापकों की भर्ती के लिए उच्च शिक्षा विभाग में कई बार अर्जी दी है।

पढी भी बताती हैं कि उन्होंने भी कई बार इस मुद्दे को प्रधानाध्यापकों की सभा में उठाया है लेकिन इस संबंध में कुछ नहीं किया गया है।

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