समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात आधे से ज्यादा जवानों को तैरना नहीं आता
मुंबई में समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए मुंबई पुलिस के 450 सुरक्षाकर्मियों में से आधे से अधिक तो ऐसे हैं जिनको तैरना ही नहीं आता है। इस बात का खुलासा एक ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद हुआ है।
सरकार ने एक निर्देश जारी कर पहले ही साफ कर दिया था कि समुद्री सीमा की सुरक्षा में तैनात किए जाने वाले सभी पुलिस अधिकारियों को तैरना आना आवश्यक है। यह मुंबई पुलिस की एक ऐसी यूनिट है जो किसी समुद्री सीमा में होने वाले किसी भी हादसे के लिए सबसे पहले तैयार रहती है।
पुलिसवालों की तैरने की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। पहले बैच में कुल 45 पुलिसवालों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है और अगले बैच की ट्रेनिंग सितम्बर के पहले हफ्ते में शुरु की जाएगी। मुंबई पुलिस और भारतीय नौसेना संयुक्त रूप से इन कॉन्सटेबलों को ट्रेनिंग दे रही है।
114 किमी सीमा की करते हैं सुरक्षा
इस ट्रेनिंग सेशन के बारे में डिप्टी कमिश्नर (पोर्ट जोन) किरन छवन ने बताया कि मुंबई पुलिस और नौसेना के स्विमिंग पूल में इन कांस्टेबलों के ट्रेनिंग हो रही है। एक बैच में 40 पुलिसवालों को तीन महीनों के भीतर प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
समुद्र का करीब 720 किमी का क्षेत्र महाराष्ट्र की सीमा को छूता है। इसमें से 114 किमी की सीमा ऐसी है जो मुंबई को छूती है। मुंबई पुलिस की नौसेना यूनिट के चार पुलिस थाने इसकी सुरक्षा करते हैं जिनमें येलो गेट, मुंबई सागरी, वडाला और सेवरी थाने आते हैं।
गौरतलब है कि अगस्त 2010 में एक ऐसा ही मामला सामने आया था जिसनें 45 वर्षीय कांस्टेबल रमेश की एक नाव से दूसरे पर कूदते समय समुद्र में गिर जाने के बाद मौत हो गई थी। उस वक्त वह ड्यूटी पर था और उसे तैरना नहीं आता था।