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नाव के मलबे-शवों को तलाश रही कोस्ट गार्ड

Sat, 03 Jan 2015 11:02 PM IST
Updated Sat, 03 Jan 2015 11:02 PM IST
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Coast Guard looking for debris of boat and bodies

विस्फोटक सामग्री से लदी पाकिस्तानी नाव के भारतीय सीमा में घुसने की घटना के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात के पास समुद्री सीमा में चौकसी बढ़ा दी है।

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यह सुरक्षा इसलिए भी बढ़ाई गई है क्योंकि अगले हफ्ते गुजरात में प्रवासी भारतीय दिवस (7-9 जनवरी) और वाइब्रेंट गुजरात (11-13 जनवरी) कार्यक्रम होने हैं। इन कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विदेशी नेता भाग ले रहे हैं।
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इस बीच संदिग्ध नाव के मलबे और नाव में सवार चार लोगों के शवों की तलाश की जा रही है। शुक्रवार को अरब सागर में भारतीय तटरक्षक बल ने ऑपरेशन को अंजाम देते हुए विस्फोटक सामग्री से लदी पाक नाव को पकड़ा था, जिसमें सवार लोगों ने बाद में नाव समेत खुद को उड़ा दिया था।
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तटरक्षक कमांडर (उत्तर पश्चिम क्षेत्र) कुलदीप सिंह श्योराण ने बताया कि संदिग्ध नाव के मलबे और उसमें सवार लोगों की तलाश जारी है। नाव के मलबे और शवों की बरामदगी से जांच को सही दिशा में बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ऐसी भी खबरें हैं कि समुद्र में दो संदिग्ध नाव थीं, इस पर श्योराण ने कहा कि इस तरह की जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने बताया, ‘31 दिसंबर की देर रात तटरक्षक बल ने एक संदिग्ध नाव का पीछा किया।

गुजरात के पास समुद्री सीमा में बढ़ाई गई चौकसी

Coast Guard looking for debris of boat and bodies

हमने नाव पर चार लोगों को देखा। ये लोग मछुआरे नहीं लग रहे थे और न ही उनके पास मछली पकड़ने का जाल था। उन्होंने टी शर्ट और हाफ पैंट पहन रखी थी।’

उन्होंने जोर देकर कहा कि नाव को उस पर सवार लोगों ने ही आग लगा दी, जिसके बाद उसमें विस्फोट हो गया। नाव के आतंकी कनेक्शन के बारे में उन्होंने कहा कि सभी खुफिया एजेंसी जांच में जुटी हुई हैं और जल्द ही सच सामने आ जाएगा।

31 दिसंबर को सुबह मिली थी खुफिया जानकारी

तटरक्षक कमांडर (उत्तर पश्चिम क्षेत्र) कुलदीप सिंह श्योराण ने ऑपरेशन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, ‘31 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद हमने अपने टोही डोर्नियर विमान और एक जहाज को उसी दिशा में रवाना कर दिया। दोपहर एक बजे तक हमने संदिग्ध नाव की पहचान कर ली।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आधी रात के बाद हमारा जहाज ‘राजरतन’ नाव के पास पहुंचा और उसे रोकने की कोशिश की।

मगर समर्पण करने की बजाय उस पर सवार लोगों ने नाव को भगाना शुरू कर दिया और सारी लाइटें बंद कर दी। हमने इसका करीब डेढ़ घंटे तक पीछा किया और फायरिंग की। इसी दौरान नाव पर सवार लोगों ने उसे आग लगा दी, जिससे विस्फोट के बाद नाव डूब गई।’

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