जयललिता से गठबंधन पर भाजपा को अब भी उम्मीद
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा को जयललिता की अन्नाद्रमुक से गठबंधन की अब भी उम्मीद है। उसे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जयललिता के अच्छे रिश्ते चुनाव गठबंधन में काम आएंगे। इसलिए पार्टी रणनीतिकार अंत तक उनसे गठजोड़ का प्रयास करेंगे।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार में लगे नेताओं को इस बात पर खास ध्यान देने को कहा है कि वे जयललिता के खिलाफ कोई टिप्पणी न करें। तो भविष्य की रणनीति के तहत शाह ने पार्टी नेताओं को असम में असम गण परिषद (अगप) के प्रति भी नरमी बरतने के निर्देश दिए हैं।
सूत्र बताते हैं कि सोशल मीडिया पर असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की कमान संभाल रहे पार्टी के रणबांकुरों से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि वे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ हमला न बोलें। उनसे गठबंधन की संभावनाएं बरकरार हैं।
प. बंगाल में ममता और वामदल होंगे निशाने पर
सोशल मीडिया पर तमिलनाडु की कमान संभाल रहे युवकों को शाह ने करुणानिधि की पार्टी द्रमुक पर सियासी हमला बोलने को कहा है। तो असम के मामले में उन्होंने अगप के प्रति नरमी बरतने के संकेत दिए हैं। बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया के जरिए चुनाव की कमान संभल रहे नेताओं से मुखातिब होते हुए शाह ने उन्हें अलग-अलग राज्यों के लिए अलग रणनीति बताई है।
इस रणनीति के तहत असम के चुनाव में पार्टी के निशाने पर कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की पार्टी (एआईयूडीएफ) रहेगी। नेताओं से इन दलों पर हमला बोलने को कहा गया है। शाह के इस निर्देश से स्पष्ट है कि चुनाव से पहले या बाद में उनका अगप से गठबंधन हो सकता है।
पश्चिम बंगाल के मामले में शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वामदल दोनों के खिलाफ ही सियासी हमला तेज करने को कहा है। पार्टी रणनीतिकार यहां कांग्रेस को मुकाबले में नहीं मान रहे हैं। उनका आकलन है कि सूबे में उनकी लड़ाई ममता और वाम दल से है। इसलिए पश्चिम बंगाल में सियासी हमले को लेकर उनका सबसे ज्यादा जोर ममता के साथ वाम दलों पर है। तो केरल के लिए शाह ने कांग्रेस और वाम दल दोनों पर सियासी हमला बोलने को कहा है।