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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से नहीं करने दी गई पूछताछ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 25 Nov 2014 06:12 PM IST
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कोयला घोटाला मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछताछ नहीं करने दी गई थी। यह बात सीबीआई ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के न्यायधीश को बताई है।
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कोयला घोटाले मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत को सीबीआई ने मंगलवार को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उस समय पूछताछ नहीं करने दी गई थी। उस समय मनमोहन सिंह के पास ही कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार था।
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सीबीआई के विशेष न्यायधीश भरत पाराशर ने जांच एजेंसी से पूछा कि क्या आपको नहीं लगा था कि उस मामले में कोयला मंत्री से पूछताछ की जानी चाहिए? क्या आपको नही लगा कि उनका बयान इस मामले की तस्वीर को साफ करने में अहम भूमिका निभा सकता है?
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जांच अधिकारी ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से इस बाबत पूछताछ की गई थी। वहीं जांच के दौरान बड़े उद्योगपति के.एम.बिड़ला और पूर्व कोयल सचिव पी.सी.पारेख से भी पूछताछ की गई थी। पर उस समय कोयला मंत्री से पूछताछ करना कोई जरूरी नहीं लगा था।
अधिकारी ने बताया कि इसके बावजूद भी कोयला मंत्री से पूछताछ की मंजूरी नहीं दी गई थी।
गौरतलब है कि जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास वर्ष 2005 में कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार था तब ही बिड़ला समूह की कंपनी हिंडाल्को को उड़ीसा के तालाबीरा दो और तीन में कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि इस मामले में केस डायरी को जमा किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
इस मामले में कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख व अन्य के खिलाफ सीबीआई ने अक्टूबर 2013 में एफआईआर दर्ज की थी।