मैंने कोयला सचिव की सलाह पर काम किया: मनमोहन
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीबीआई को बताया है कि उन्होंने तत्कालीन कोयला सचिव पीसी पारेख की सलाह पर ही हिंडाल्को को तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक आवंटित करने का ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का अनुरोध मंजूर किया था।
इसका प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने अध्ययन भी किया था। मनमोहन ने कहा कि कुमार मंगलम बिड़ला की हिंडाल्को को कोयला ब्लॉक का आवंटन नहीं करने की समीक्षा करने के अनुरोध के लिए पटनायक द्वारा लिखे पत्र की वजह से मामला फिर से खुला।
तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक आवंटन को लेकर था सवाल
सीबीआई ने तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित घोटाले की जांच के दौरान सिंह से पूछा था, जब पीएम के तौर पर आपको भेजे गए नवीन पटनायक के 17 अगस्त, 2005 के पत्र में मैसर्स हिंडाल्को की महत्वपूर्ण परियोजना के लिए केवल जरूरी कोयला लिंकेज मुहैया कराने का अनुरोध किया गया था, जो पहले ही आवंटित किया जा चुका था, तो आपने तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक में हिंडाल्को को हिस्सेदारी देने के लिए मंजूरी क्यों दी थी?
इसके जवाब में उन्होंने कहा, ओडिशा के मुख्यमंत्री के इस पत्र में तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक का मैसर्स हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आवंटन करने के बारे में भी जिक्र था। कोयला मंत्रालय को इसका अध्ययन करने की जरूरत थी। मंत्रालय ने व्याख्या की कि पत्र में तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक के आवंटन के मुद्दे के संबंध में अनुरोध किया गया था।
पीएमओ के अधिकारियों द्वारा अध्ययन करने के बाद मैंने सिफारिश मंजूर की। उस समय कोयला मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे सिंह ने आगे कहा कि अगर तर्कों की बात करें तो फिर सरकार को निजी क्षेत्र के लिए कोई आवंटन नहीं करना चाहिए। बता दें बिड़ला ने पत्र लिखकर सरकार से अनुरोध किया था कि कोयला ब्लॉक के लिए हिंडाल्को के नाम पर विचार नहीं करने के फैसले में बदलाव किया जाए, तब पटनायक ने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया था।