इस मुद्दे पर मंत्री-मुख्यमंत्री की सिफारिश हुई फेल
देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पद के लिए एनडीए सरकार के दो मंत्रियों और भाजपा शासित राज्य के एक मुख्यमंत्री की सिफारिश नहीं चली।
उन्होंने अपने-अपने पसंदीदा व्यक्ति को चुनने के लिए पूरा दबाव बनाया लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (पीईएसबी) को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस मामले में किसी की भी न सुनी जाए और योग्यता मानदंडों के आधार पर ही फैसला हो।
सूत्रों के अनुसार दबाव डालने वालों में केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ और ताकतवर माने जाने वाले मंत्री, एक अन्य मंत्री और उत्तर भारत के भाजपा शासित एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं। बोर्ड ने साक्षात्कार के लिए जिन 12 नामों की सूची बनाई, उसमें मंत्री के पसंदीदा अभ्यर्थी को जगह नहीं मिली। मंत्री ने तब बोर्ड के अध्यक्ष से बात की।
भाजपा शासित एक राज्य के मुख्यमंत्री ने भी अपने राज्य के कैडर के एक पूर्व आईएएस अधिकारी और बोर्ड के सदस्य से अपने एक पसंदीदा अभ्यर्थी के नाम की सिफारिश की। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम भी चलाया गया। एक अन्य मंत्री की दिलचस्पी उक्त अधिकारी में खासी थी।
कोल इंडिया के सीएमडी के चयन का मामला
बढ़ते दबाव को देख पीईएसबी अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने सीधे प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र से बात की। इसके बाद मिश्र ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखी, जिन्होंने बिना किसी भेदभाव के फैसला लेने की हिदायत दी। तब प्रधानमंत्री कार्यालय ने अतुल चतुर्वेदी को योग्यता एवं निर्धारित मानदंडों के मुताबिक फैसला लेने को कहा। इसके बाद बोर्ड ने अपने मानदंडों के आधार पर 1985 बैच के आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) कैडर के आईएएस अधिकारी सुतीर्थ भट्टाचार्य का चयन करके उनका नाम कोयला मंत्रालय को भेज दिया।
केंद्र सरकार ने एक ऐसे सीएमडी को लाने का सुझाव दिया था, जो भावी चुनौतियों का सामना कर कोयले का उत्पादन 2019 तक बढ़ाकर एक अरब टन कर सके। चयन प्रक्रिया को लेकर भी खासा मंथन हुआ। एक सुझाव कैबिनेट की सर्च कमेटी बनाकर उपयुक्त व्यक्ति के चयन का भी आया। मगर बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीईएसबी के जरिए ही चयन करने का फैसला किया।
छह महीने से पद खाली
कोल इंडिया के प्रमुख की नियुक्ति का मसला केंद्र सरकार में पिछले छह महीनों से लंबित था। कंपनी के सीएमडी नरसिंह राव के इसी साल मई में इस्तीफे के बाद से ही यह पद खाली है।
अन्य प्रमुख अभ्यर्थियों में कोल इंडिया के निदेशक (तकनीक) नागेंद्र कुमार, सेंट्रल कोल फील्डस के सीएमडी गोपाल सिंह और एनएमडीसी के निदेशक (तकनीक) एनके नंदा सहित कुल एक दर्जन नाम शामिल थे।
सुतीर्थ भट्टाचार्य के नाम की सिफारिश
बोर्ड ने साक्षात्कार में 2012 से सिंगरेनी कोयलरीज कंपनी लिमिटेड के सीएमडी सुतीर्थ भट्टाचार्य को सबसे ज्यादा उपयुक्त माना और उनका नाम चयनित करके सरकार को भेज दिया।