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सिनेमा के टिकट की तरह बांटे गए कोल ब्लॉक: शरद
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2013 11:06 PM IST
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कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ताजा रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने बुधवार को सरकार पर हमला बोल दिया।
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लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए जदयू नेता शरद यादव ने केंद्र सरकार पर सिनेमा और रेलवे के टिकटों की तरह कोयला ब्लॉक बांटे जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सभी ब्लाकों का आवंटन रद्द करते हुए नए सिरे से इनका आवंटन किए जाने की मांग की।
शरद ने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कोल ब्लॉक आवंटन में 1.86 लाख करोड़ रुपये की गड़बड़ियों का जिक्र किया गया था। जिसे सरकार ने सिर्फ गलत बताया था बल्कि कैग की संवैधानिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए थे।
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हालांकि, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की है, उसे वह सलाम करते हैं। कोर्ट ने सीबीआई को कहा है कि इस मामले में उसे सरकार से कोई सलाह नहीं लेनी है। इससे जाहिर है कि शीर्ष अदालत का भी सरकार पर से विश्वास टूट गया है और वह भी व्यथित है।
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जदयू अध्यक्ष ने कोल ब्लाकों का आवंटन सिनेमा और रेलवे के टिकट की तरह किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के समृद्ध संसाधनों का उचित तरीके से दोहन किया जाता तो आज देश बहुत तरक्की कर चुका होता। लेकिन स्थिति यह है कि दुनिया में कोई हमारी सुनता नहीं है।
उन्होंने सदन में मौजूद प्रधानमंत्री से मुखातिब होते हुए कहा कि अदालतें सरकार नहीं चलाती हैं। आपको मजबूती से देशहित में फैसले लेने चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री देश की संपत्ति बचाने के लिए सारे कोल ब्लाकों का आवंटन रद्द कर नए सिरे से कोल ब्लाकों का आवंटन करें।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि कोल ब्लाक का आवंटन मनमाने तरीके से किया गया। सरकार ने जो प्रक्रिया अपनायी वह वैधानिक प्रतीत नहीं होती।