कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों की होगी छुट्टी!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव में करारी हार के लगभग एक महीने बाद अब कांग्रेस में बदलाव की प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र, हरियाणा और असम में मुख्यमंत्रियों की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है।
साथ ही अगले कुछ दिनों में चुनावों राज्यों समेत आठ से दस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को बदला जा सकता है। वहीं सबसे ज्यादा संकट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के भविष्य को लेकर है।
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी मुलाकात की।
चव्हाण के खिलाफ है एनसीपी
दरअसल महाराष्ट्र में प्रमुख सहयोगी दल एनसीसी चव्हाण के खिलाफ है। सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्रियों के भविष्य को लेकर बैठक की।
जबकि हरियाणा में मुख्यमंत्री विरोधी खेमे ने भी हुड्डा को बदलने के लिए अपना दबाव फिर बढ़ा दिया है।
लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस हाईकमान अब आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने कील कांटे दुरूस्त करने में जुट गया है।
फिर सक्रिय हुईं सोनिया गांधी
महाराष्ट्र, हरियाणा, असम में नेतृत्व परिवर्तन के मसले पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रही है।
गुरुवार को सोनिया ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी और अहमद पटेल के साथ राज्यों में बदलाव को लेकर गहन विचार मंथन किया।
पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक हाईकमान अभी सभी पहलुओं की समीक्षा कर रहा है। पार्टी हाईकमान ने सभी विकल्पों को खुला रखा है।
हरियाणा, असम में भी बदलाव
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के खिलाफ बागियों की आवाज बुलंद होने लगी है।
नारायण राणे समेत कई मंत्रियों ने चव्हाण के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनको बदलने का दबाव कांग्रेस हाईकमान पर बनाना शुरू किया है।
एनसीपी कांग्रेस पर दबाव बनाने में जुट गया है। इसलिए पार्टी में मंथन का दौर जारी है। वहीं हरियाणा और असम में भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग से कांग्रेस का सिरदर्द बढ़ गया है।
प्रदेश अध्यक्षों को भी बदला जाएगा
कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन करना इतना आसान नहीं है। हुड्डा के समर्थक विधायकों की संख्या ज्यादा होने के चलते पार्टी हाईकमान के सामने वहां नेतृत्व परिवर्तन की बड़ी चुनौती है।
वहीं पार्टी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को भी बदलकर असंतोष की आवाज को शांत करने में सोच रही है।
चुनावी राज्यों समेत लगभग आठ से दस राज्यों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को बदला जा सकता है। महाराष्ट्र में नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अशोक चव्हाण का नाम भी चर्चा में है।