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'वीरेंद्र जैसे अवसरवादियों के लिए पार्टी में जगह न हो'

Mon, 04 Aug 2014 10:54 AM IST
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, दिल्ली
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 04 Aug 2014 10:54 AM IST
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cm virabhadra singh has solutions to energize congress again
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजनीति के अखाड़े के पुराने दिग्गज वीरभद्र सिंह के पास कांग्रेस की किस्मत संवारने की कुछ पुख्ता सलाहें हैं। उनका मानना है कि पार्टी में हर स्तर पर पारदर्शिता के लिए पुराने नेताओं को विश्वास में लिया जाए।
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वह कहते हैं कि जमीनी पकड़ न रखने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाए और चौधरी वीरेंद्र सिंह जैसे अवसरवादियों के लिए पार्टी में जगह न हो। वीरभद्र सिंह ने अमर उजाला के सुजय मेहदूदिया से राजनीति और कांग्रेस समेत कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं संक्षिप्त अंशः
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ऐसी खबरें हैं कि हिमाचल में पार्टी और सरकार साथ नहीं हैं। मुख्यमंत्री और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के बीच टकराव है?

ऐसी कोई बात नहीं है। हमें पार्टी का पूरा समर्थन मिल रहा है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि अगर राज्य के कांग्रेस प्रमुख पार्टी छोड़ कर जा चुके या हटाए गए नेताओं को वापस ले लेते तो विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में हमारा प्रदर्शन बेहतर होता। नेताओं को चेहरा देख कर पार्टी में वापस लिया गया।
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कई अहम नेताओं को बाहर ही रहने दिया गया। कुछ नेताओं को बगैर कारण बताए पार्टी से बाहर कर दिया गया। कुछ अहम नेताओं की अनदेखी की गई। अब हम उन्हें पार्टी में वापस ला सकते हैं। दरअसल इस सारी दुर्गति की जड़ एआईसीसी के पूर्व महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह रहे।

उन्होंने पार्टी को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया और चुनाव में हमें इसका खमियाजा भुगतना पड़ा। वीरेंद्र सिंह राजनीतिक और नैतिक तौर पर भ्रष्ट आदमी हैं और उन्हीं की वजह से हिमाचल में कांग्रेस की स्थिति खराब हुई। मेरा मानना है कि हिमाचल कांग्रेस के पूर्व प्रमुख के नेतृत्व में पार्टी के अंदर जो चुनाव हुए वे फर्जी थे।

कांग्रेस बेहद बुरे दौर से गुजर रही है? दोबारा मजबूत होकर उभरने के लिए पार्टी को क्या करना होगा?

इसमें कोई शक नहीं कि कांग्रेस मुश्किल दौर से गुजर रही है। पार्टी मजबूत होकर उभरे इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता कार्यक्रम चलाना होगा और हर स्तर पर ईमानदारी से आंतरिक चुनाव कराने होंगे।

इसके बाद ही पार्टी पुराना गौरव हासिल कर सकेगी। हार के बाद बुरी तरह हतोत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं में विश्वास बहाली के लिए यह बेहद जरूरी है।

आपकी नजर में आज के दौर में पार्टी किन बीमारियों से घिरी है?

कांग्रेस में आज ऐसे कई नेता हैं जिनका कोई जनाधार नहीं है और न ही उन्होंने अपने पूरे कैरियर में कोई चुनाव लड़ा है। ऐेसे लोग पार्टी में राज कर रहे हैं। पार्टी की दुर्गति के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं। ऐसे जड़विहीन नेताओं को बाहर करना होगा ताकि यह मजबूत होकर उभरे और सांप्रदायिक ताकतों का सामना कर सके।

हमें पार्टी में बेहतर जनाधार वाले नेताओं की जरूरत है। पार्टी आलाकमान को पुराने नेताओं की सलाह लेनी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच कर कांग्रेस का जादू दोबारा जगाया जा सके । आज के दौर के सबसे अवसरवादी चौधरी वीरेंद्र सिंह का उदाहरण लें।

कांग्रेस के अच्छे दिनों का फायदा उठाने वाले सिंह अब निजी फायदे के लिए भाजपा का दामन थामने को बेताब हैं। पार्टी पर ऐसे बोझ को तुरंत उतार फेंकना चाहिए ताकि इसे और नुकसान न पहुंचे।

चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिमाचल में रेलवे लाइन के विस्तार, नई सड़कों के निर्माण और नौकरियां पैदा करने समेत कई वादे किए। आपको लगता है कि ये वादे पूरे होंगे?


अगर ये वादे पूरे हुए तो मुझे बेइंतहा खुशी होगी। मुझे लगता है कि एनडीए सरकार और राज्य के भाजपा नेता लोगों से कि ए गए वादे को पूरा करने में सक्षम हैं। हम मोदी जी के विकास के नए फॉमूर्ले का इंतजार कर रहे हैं।

हमें उम्मीद है कि हिमाचल का विशेष दर्जा और इससे जुड़े नियम बरकरार रहेंगे। उन्होंने पहाड़ी राज्यों की दिक्कतों को देखते हुए विकास और फंड आवंटन के अलग नियम लागू करने के जो वादे किए थे उनके पूरे होने का भी हम उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। हम मौजूदा और नई रेल परियोजनाओं के लागू होने का भी इंतजार कर रहे हैं।

हमें एनडीए सरकार की ओर से राज्य के लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा करने के वादों के भी पूरे होने का इंतजार है। मैं मोदी जी से मिल चुका हूं। मैंने बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में राज्य और इसके लोगों की समस्या से उन्हें अवगत करा दिया है।


राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की स्थिति बेहद खराब है। क्या आपने केंद्र के सामने यह मुद्दा उठाया है?

मैंने पिछले शुक्रवार को सड़क और भूतल परिवहन मंत्री नीतिन ग़डकरी से बातचीत की। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। अगले दो-तीन साल में कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर राज्य के लोगों और राहत महसूस होने लगेगी। यहां लेनिंग का काम सौंपा जा चुका है।

पहले फेज में कीरतपुर से नेहर चौक तक चार लेन की सड़क बनेगी और फिर इसके बाद नेहर चौक से मनाली तक। मैंने गडकरी साहब से शिमला-कांगड़ा सड़क को चार लेन बनाने के लिए सर्वे कराने का अनुरोध किया है। यह हिमाचल के चार-पांच अहम जिलों को कवर करती है।


यह सड़क हिमाचल की जीवनरेखा है। इसी तरह चीन सीमा से लगने वाली एनएच-5 जो पहले एनएच-22 था उसे प्राथमिकता के आधार पर किन्नौर जिले से जोड़ा जाना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनूठी वाटर एटीएम परियोजना शुरू की है। इसके बारे में विस्तार से बताएंगे?

वाटर एटीएम योजना न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि यह प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल न्यूनतम स्तर पर ला देती है। हमने शिमला में वाटर एटीएम लगाए हैं जहां से आप 50 पैसे में एक लीटर पानी ले सकते हैं। जबकि बाजार में एक लीटर पानी 15 रुपये में मिलता है।

इस तरह की मशीनें धर्मशाला और मंडी में भी लगाने का इरादा है। ऊना में हिंदुओं के प्रसिद्ध धर्मस्थल चित्तपूर्णी में इस तरह की मशीनें लगाने का इरादा है।
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