अमरावती के लिए नायडू ने छात्रों से किया फंड जुटाने का किया आह्वन
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपनी महत्वाकांक्षी अमरावती परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए जुट गए हैं। आंध्रा सरकार ने इस परियोजना से सबको जोड़ने के प्रयास के चलते प्रदेश में हर जिले के शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह हर स्कूल के शिक्षकों और छात्रों से 10-10 रुपए जमा करें।
प्रदेश में 64000 स्कूल और कॉलेज मौजूद हैं। इस प्रकार इस योजना में करीब 70 लाख छात्र और तीन लाख अध्यापक शामिल हो सकेंगे। जमा की गयी राशि को सीएम चंद्रबाबू नायडू के 'माई कैपिटल,माई अमरावती,माई ब्रिक' कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के पास अमरावती शहर बसाने के लिए धन का अभाव है और वह यह धन एक ईंट 10 रुपए में बेचकर इकट्ठा कर रही है। इससे पूर्व आंध्रा सरकार ईंटों को ऑनलाइन बेंचकर रिकार्ड बना चुकी है।
सामाजिक संगठनों की मांग बंद हो बच्चों से वसूली
कमिश्नर ऑफ स्कूल्स ने एक सर्कुलर जारी करके सभी आदेश जारी किया है कि छात्रों और अध्यापकों से चंदे का धन इकट्ठा किया जाए और इसे 10 जनवरी तक एकाउंट में जमा कर दिया जाए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को इस कार्यक्रम पर नजर रखने और कार्यक्रम क्रियांवित करने के लिए कहा गया है।
साथ ही डे बोर्डिंग स्कूलों में और होस्टल में रह रहे छात्रों को मिलने वाले कॉस्मेटिक चार्जेज में से 10 रुपए काटे जाएंगे ताकि इस फंड में इजाफा हो सके।
इस फंड कलेक्शन का विरोध भी शुरू हो गया है कई संगठनों ने इस मुहिम के जरिए सरकार की फंड इकट्ठा करने के तरीके को जबरदस्ती वाला बताये हुए इसकी तुलना ऑरंगजेब के फरमान टोल टैक्स वाले फरमान से कर डाली। उनकी मांग है कि ये कार्यक्रम शिक्षा का अधिकार कानून के विरुद्द है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।