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एंटनी ने पाक को चेताया, बर्बरता बर्दाश्त नहीं

Wed, 09 Jan 2013 09:46 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 09 Jan 2013 09:46 PM IST
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clear evidence of pak troops hand in killing of 2 soldiers says antony

भारत ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर दो भारतीय सैनिकों के सिर काटने की पाकिस्तानी सेना की बर्बर करतूतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतों का दोनों देशों के रिश्तों पर बुरा असर पड़ेगा।

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संघर्ष विराम का उल्लंघन कर की गई इस हैवानियत पर देश के गुस्से के अनुरूप पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर को विदेश मंत्रालय ने तलब कर भारत के कड़े रुख से अवगत कराया। घटना पर पाकिस्तान से तत्काल सफाई मांगी गई है।
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रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इसे उकसावे की कार्रवाई बताते हुए कहा कि भारत के पास पूरे सबूत हैं कि इस घटना में पाक सेना का हाथ है। भारत ने साफ कर दिया है कि इस घटना में पाकिस्तान के नॉन स्टेट नहीं बल्कि स्टेट एक्टर्स (सरकारी तत्वों) का हाथ है।
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विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सैनिकों के साथ ऐसा बर्बर सलूक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हालांकि भारत ने बुधवार को यह भी साफ किया कि वह अपनी ओर से पाकिस्तान की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत के बदले ऐसी कोई कार्रवाई नहीं करेगा जिससे परमाणु ताकत से लैस पड़ोसियों के बीच और तनाव बढ़े।
 
राजनीतिक दलों की ओर से आ रही कड़ी प्रतिक्रिया के बीच विदेश सचिव रंजन मथाई ने भारत में पाक उच्चायुक्त सलमान बशीर को तलब कर घटना का पूरा ब्योरा दिया और अपनी नाराजगी जताई।

मथाई ने दो टूक कहा कि भारतीय क्षेत्र में घुसकर पाक सैनिकों का भारतीय जवानों को मारना और उनके शवों के साथ अमानवीय बर्ताव करना जेनेवा समझौते ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। पाकिस्तान से कहा गया है कि वह मामले की जांच कर एलओसी पर सीजफायर बरकरार रखने का जल्द से जल्द पुख्ता इंतजाम कर ले।

इस बीच सेना के मिलिट्री आपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने भी पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल अशफाक नदीम अहमद से फोन पर बात की और सेना की ओर से सख्त नाराजगी जताई है।

सेना के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि हालांकि पाक डीजीएमओ ने इस घटना में अपनी सेना की संलिप्तता को सिरे से नकार दिया है। लेकिन भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि काले लिबास में एलओसी को पार कर भारतीय सीमा के करीब 600 मीटर भीतर पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप के सैनिकों की इन हरकतों के पूरे सबूत मौजूद हैं। लिहाजा पाक सेना ऐसी हरकतों के बाज आए।  

खुर्शीद ने पाक को चेताते हुए कहा कि एलओसी पर सीजफायर कायम रखना भारत-पाक के बीच विश्वास बहाली (सीबीएम) के लिए अहम कदम है। सैनिकों के साथ सलूक पर विदेश मंत्री ने कहा कि जिस तरह का कृत्य हुआ है वह धोखा देने जैसा है।

उन्होंने चिंता जताई कि पिछले दिनों एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है। अगर पाकिस्तान इसे नहीं समझता तो भारत के लिए शांति के हालात बनाए रखना संभव नहीं होगा जिसकी कोशिश वह लंबे समय से कर रहा है।

इससे पहले रक्षामंत्री एंटनी ने सैनिकों के सिर काटने की घटना को अमानवीय बताते हुए पाकिस्तान से कड़ा विरोध जताने के साथ इस कृत्य को बेहद उकसाने वाली कार्रवाई करार दिया।

भारत ने दर्ज कराया विरोध
भारत के मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बरता की करतूत को लेकर बुधवार को पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक मेजर जनरल अश्फाक नदीम से बात की। भाटिया ने घटना को लेकर नदीम से कड़ा विरोध दर्ज कराया।

हालांकि पाकिस्तान इस घटना में अपने सैनिकों का हाथ होने की बात से ही मुकर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि उसके पास पाक सैनिकों की बर्बरता के तमाम सुबूत हैं। सूत्रों के मुताबिक पाक सेना की 29 बलूच रेजीमेंट के सैनिकों ने इस बर्बर हमले को अंजाम दिया।

हमें दृढ़, सचेत और पाकिस्तान से निपटने में बेहद स्पष्ट होने की जरूरत है। पाक सेना की बर्बरता की यह घटना देश के लिए चेतावनी है। सरकार को इस घटना के बारे में सभी तथ्य विश्व बिरादरी के सामने रखने चाहिए, ताकि पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया जा सके।--अरुण जेटली, राज्यसभा में विपक्ष के नेता

 
पाकिस्तान ने भारत की मेहमाननवाजी का बदला इस तरह चुकाया है। एक तरफ दोस्ती तो दूसरी तरफ सिर कलम करने की यह फितरत भारत कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है।--राशिद अल्वी, कांग्रेस प्रवक्ता

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