...तो फिर कैसे साफ होंगे शहर

टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 01 Dec 2014 01:26 PM IST
cleanliness and basic facilities in up.
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घरेलू कूड़े का निपटारा और बढ़ता वायु प्रदूषण सूबे के शहरों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है। दिक्कत यह है कि लोग गलत ढंग से कूड़ा फेंकते हैं। वह जाकर नालियों में फंस जाता है। इससे गंदगी फैलती है और बीमारियों की आशंका भी बढ़ जाती है।
सर्वे के मुताबिक महज 44 फीसदी लोगों के घरों का कचरा उठाने की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाती है। बाकी लोग अपनी व्यवस्था खुद करते हैं। सर्वे इसकी वजह बताता है कि एक तो नगर निगम के लोग कूड़ा उठाने आते नहीं हैं और जो आते भी हैं, वे नियमित नहीं हैं। वाराणसी और अलीगढ़ जैसे शहरों के लोग कूड़े को खुद निपटाना ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।

साफ है कि इस मामले में लोगों को जागरूक बनाने की जरूरत है, क्योंकि इसी से जुड़ी समस्या वायु प्रदूषण की है। सूबे के कुछ शहरों को छोड़ दें तो सर्वे में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर लोगों को अपने शहरों की दूषित हवा से ज्यादा दिक्कत नहीं है।

हां, कानपुर, आगरा, बरेली और झांसी जैसे शहरों के कई लोगों ने इससे होने वाली सांस लेने में परेशानी और फेफड़े और दिल से जुड़ी बीमारियों का जिक्र किया। सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों का मानना है कि ज्यादा पेड़ लगाकर, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और निजी वाहनों के साझे उपयोग के जरिये इन परेशानियों को कम किया जा सकता है।
UP KA Aaina

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