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स्वर्णमंदिर में दो गुटों में चली तलवारें

Fri, 06 Jun 2014 06:13 PM IST
Updated Fri, 06 Jun 2014 06:13 PM IST
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clashes inside golden temple in amritsar

ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में दर्जन भर लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला, 11 साल का बच्चा और टास्क फोर्स के जवान शामिल हैं।

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दरअसल स्वर्ण मंदिर में आज ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी मनाई जा रही थी। इस मौके पर अमृतसर में स्वर्ण मंदिर स्थित अकाल तख्त में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था।
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इस कार्यक्रम में ऑपरेशन ब्लू स्टार के शहीद के परिवारों को सम्मानित किया जाना था।

आज है ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी

clashes inside golden temple in amritsar

कार्यक्रम की शुरूआत में जैसे ही जत्‍थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह परिवारों को सम्मानित करने लगे, अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने उन्हें बीच में रोकते हुए बोलने के लिए माइक मांगा।

जत्‍थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने उन्हें माइक देने से मना कर दिया। इससे अकाली दल के सदस्य भड़क गए और टास्‍क फोर्स के कर्मियों से बहस करने लगे।

मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने तलवारें निकाल लीं। दोनों गुटों में जमकर संघर्ष हुआ।

अकाली दल और टास्‍क फोर्स में हुई बहस

clashes inside golden temple in amritsar

कार्यक्रम की शुरूआत में जैसे ही जत्‍थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह परिवारों को सम्मानित करने लगे, अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने उन्हें बीच में रोकते हुए बोलने के लिए माइक मांगा।

जत्‍थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने उन्हें माइक देने से मना कर दिया। इससे अकाली दल के सदस्य भड़क गए और टास्‍क फोर्स के कर्मियों से बहस करने लगे।

मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने तलवारें निकाल लीं। दोनों गुटों में जमकर संघर्ष हुआ।

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घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया

clashes inside golden temple in amritsar

दोनों गुटों के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ सिख सदस्यों की पगड़ियां तक उतार दी गईं।

एक तरफ टास्क फोर्स के कर्मचारी थे, दूसरी तरफ अकाली दल के सदस्य, सिख स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य और दल खालसा के लोग थे। संघर्ष दो बार हुआ। सुबह कार्यक्रम के दौरान, उसके बाद दोपहर में 12 बजे के करीब।

घायलों को तुरंत गुरू नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शहर भर में विरोध प्रदर्शन और दुकाने बंद

clashes inside golden temple in amritsar

इस खूनी संघर्ष के दौरान पुलिस कर्मचारी मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। संघर्ष के बाद गुटों के युवा सदस्यों ने शहर भर में विरोध प्रदर्शन किया और दुकाने बंद करा दीं।

इस घटना को लेकर अकाल तख्त के जत्‍थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि यह बेहद बुरी घटना है। पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रही। इससे जाहिर होता है कि इस घटना के पीछे सरकार की एजेंसियों का हाथ है। सरकार हालातों को खराब करना चाहती है। हम इस मामले की पूरी जांच कराएंगे। सीसीटीवी फुटेज को देखा जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

सभी ने की घटना की निंदा

clashes inside golden temple in amritsar

वहीं, घटना के बाद दल खालसा के प्रवक्ता कंवरपाल ‌‌सिंह को 50 समर्थकों के साथ हिरासत में लिया गया । शिरोमणि अकालीदल ने झड़प की निंदा की। शिरोमणि दल नेता मंजित जीके ने बताया झड़प में उनके गुट का एक भी सदस्य शामिल नहीं था।

अमृतसर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर ‌सिंह ने भी घटना पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि ये शिरोमणि की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की जिम्‍मेदारी थी कि वहां सुरक्षा की व्यवस्‍था करे। एसजीपीसी की टास्‍कफोर्स वहां क्या कर रही थी?

आप ने एसएस फुलका ने कहा कि बादल की पार्टी अकाल तख्त पर कब्जा करना चाहती है, इसलिए ये घटना हुई है।

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