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गन्ने पर किसानों और पुलिस में घमासान

Thu, 15 Nov 2012 12:24 AM IST
सांगली/कोल्हापुर/एजेंसी
सांगली/कोल्हापुर/एजेंसी Updated Thu, 15 Nov 2012 12:24 AM IST
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clash between sugarcane farmers and police

कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे गन्ना किसानों के प्रदर्शन ने महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर में उग्र रूप धारण कर लिया। जिसके चलते पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। सांगली में जहां प्रदर्शनकारियों ने पुणे से आ रहे एक दूध के टैंकर को क्षतिग्रस्त करने के बाद गैस टैंकर में आग लगाने की कोशिश की, वहीं कोल्हापुर में सड़क जाम और पथराव करने के साथ पुलिस जीप को भी आग के हवाले कर दिया।

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वहीं समाजसेवी अन्ना हजारे ने किसानों पर पुलिस फायरिंग की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर सरकार की सख्ती के चलते इस दिवाली को काली दिवाली के रूप में याद रखा जाएगा। अन्ना ने मौजूदा स्थिति के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को जिम्मेदार ठहराया।
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सांगली स्थित आश्ता गांव में प्रवीण पाटिल नाम के एक युवक के घायल होने की खबर है। पुलिस ने उसके फायरिंग में घायल होने की बात से इनकार किया है। हालांकि अस्पताल के सूत्रों के अनुसार युवक को पैर में गोली लगी है। आश्ता में किसानों ने कथित रूप से बुधवार को गिरफ्तार अपने साथियों को छोड़ने की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन का घेराव और पथराव किया। हालांकि पुलिस ने किसी भी गिरफ्तारी से इनकार करते हुए कहा कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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वहीं कोल्हापुर में विरोधस्वरूप सड़क जाम कर रहे स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक जीप में आग लगा दी। लंबे समय से गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता राजू शेट्टी की गिरफ्तारी के बाद से और उग्र हो गया है।


'दूध के टैंकर में आग लगाने के बाद किसान गैस के टैंकर को जलाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने ड्राइवर की पिटाई भी की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद उन्हें तितर बितर करने के लिए ओपन फायरिंग करनी पड़ी।'
- इंसपेक्टर नालावाडे, आश्ता पुलिस स्टेशन

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