मोदी की टिकट पर जोशी और राजनाथ में तीखी तकरार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम चुनाव में मिशन 272 का लक्ष्य के साथ पूरे जोश और दमखम के साथ मैदान में उतरने का दम भर रही भाजपा टिकट वितरण पर मचे घमासान में बुरी तरह घिर गई है।
शनिवार को हुई पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में वाराणसी सीट की उम्मीदवारी के सवाल पर वरिष्ठ नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के बीच बहस हो गई।
जोशी अपनी सीट पर अड़े
दरअसल पार्टी वाराणसी से अपने पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को उतराना चाहती है। जबकि डॉ जोशी किसी भी सूरत में अपनी इस पुरानी सीट को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। डॉ जोशी चाहते थे कि पार्टी वाराणसी से उन्हें सार्वजनिक रूप से उम्मीदवार घोषित कर दे।
इस बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने भी कई नेताओं के सीट बदलने की योजना का विरोध कर डॉ जोशी का साथ दिया। इसके बाद दोनों नेता अपने अपने संसदीय क्षेत्र में जाने की बात करते हुए बैठक को बीच में ही छोड़ कर रवाना हो गए।
विवाद से पार्टी का खंडन
पार्टी ने बैठक में किसी भी तरह के विवाद का खंडन किया है। मगर दोनों नेताओं ने जिस तरह बैठक वाले दिन ही अपने अपने संसदीय क्षेत्र जाने का कार्यक्रम बनाया, उससे पार्टी में शीर्ष स्तर पर जारी मतभेद की कहानी बयां होती है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि सीईसी की बैठक में उत्तर प्रदेश पर चर्चा नहीं होनी थी। इसके बावजूद डॉ जोशी ने अपनी वाराणसी की सीट पर उम्मीदवारी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मीडिया में लगाई जा रही अटकलों से उन्हें अपनी सीट पर नुकसान का डर सता रहा है।
ऐसे में पार्टी को चाहिए कि वह इस सीट पर उनकी उम्मीदवारी की सार्वजनिक घोषणा करे। डॉ जोशी जब अपनी बात रख रहे थे, तब राजनाथ ने उन्हें टोका। राजनाथ का कहना था कि आज की बैठक में उत्तर प्रदेश पर चर्चा नहीं हो रही है।
13 को फिर होगा घमासान
उम्मीदवारों की दो सूची जारी कर चुकी पार्टी अब 13 मार्च को तीसरी सूची जारी करेगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार सहित पार्टी के तमाम प्रभाव वाले राज्यों की सूची जारी की जाएगी।
विवाद का हल निकालने के लिए राजनाथ बैंगलुरू में हो रही संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक में हिस्सा लेने रवाना हो गए हैं।
माना जा रहा है कि राजनाथ रविवार को संघ नेतृत्व को सारी स्थिति से अवगत कराने के साथ ही आवश्यक सलाह लेंगे। इस बीच संघ के नेता व्यक्तिगत स्तर पर सुषमा और जोशी से बात कर सकते हैं।
मोदी को फ्रीहैंड देगा संघ
भले ही पार्टी के केंद्रीय स्तर के कुछ नेताओं ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, मगर संघ आमचुनाव में मोदी को फ्रीहैंड देने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि संघ राजनाथ से हर हाल में मोदी की राय को अहमयित देने का निर्देश देगा।
अगर ऐसा हुआ तो वाराणसी पर उम्मीदवारी और बीएसआर कांग्रेस का भाजपा में विलय के मामले में मोदी विरोधियों को मुंह की खानी पड़ सकती है।
क्या है विवाद
विवाद की जड़ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश है। पार्टी वाराणसी से मोदी को उतारने की इच्छुक है तो पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह लखनऊ से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
विवाद के निपटारे के लिए जोशी को वाराणसी के बदले कानपुर या नैनीताल सीट से लड़ने और इससे पहले राज्यसभा भेजे जाने का भी प्रस्ताव दिया गया था।
मगर जोशी अपनी सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। उधर रेड्डी बंधु के करीबी श्रीरामुलु की पार्टी बीएसआर कांग्रेस का भाजपा में विलय के प्रस्ताव पर सुषमा तीखा विरोध जता चुकी हैं।