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खतना बना जानलेवा, काटना पड़ा बच्चे का जननांग
अलवर/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 23 Nov 2012 05:19 PM IST
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राजस्थान में डॉक्टर की लापरवाही से एक बच्चे को अपना जननांग गंवाना पड़ा। सात साल के एक बच्चे के साथ यह नौबत तब आई, जब उसके खतने का गलत ऑपरेशन कर दिया। बच्चे के परिजनों और नाते-रिश्तेदारों ने कथित लापरवाही के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल को जिम्मेदार ठहराया है और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे को 10 नवंबर को राजस्थान के अलवर में सानिया अस्पताल में खतने के लिए भर्ती कराया गया था। बच्चे के चाचा फखरुद्दीन खान के मुताबिक बच्चे के खतने का ऑपरेशन डॉ तय्यब खान ने किया। हालांकि ऑपरेशन के बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने बच्चे को जयपुर ले जाने को कहा। जयपुर में बच्चे को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे की जान तभी बच सकती है, जब इसका जननांग हटा दिया जाये, और फिर वही हुआ।
इस बच्चे को दोबारा अलवर के सानिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है उसकी हालत गंभीर है लेकिन डॉक्टर उसकी हालत सामान्य बता रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चे का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने दावा किया है कि बच्चा जब सोलह वर्ष का का होगा, प्लास्टिक सर्जरी से उसका लिंग ठीक कराया जाएगा। इसमें नपुसंकता नहीं आएगी, क्योंकि उसकी अंड ग्रन्थि को कोई नुकसान नहीं पंहुचा है।
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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे को 10 नवंबर को राजस्थान के अलवर में सानिया अस्पताल में खतने के लिए भर्ती कराया गया था। बच्चे के चाचा फखरुद्दीन खान के मुताबिक बच्चे के खतने का ऑपरेशन डॉ तय्यब खान ने किया। हालांकि ऑपरेशन के बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने बच्चे को जयपुर ले जाने को कहा। जयपुर में बच्चे को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे की जान तभी बच सकती है, जब इसका जननांग हटा दिया जाये, और फिर वही हुआ।
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इस बच्चे को दोबारा अलवर के सानिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है उसकी हालत गंभीर है लेकिन डॉक्टर उसकी हालत सामान्य बता रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चे का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने दावा किया है कि बच्चा जब सोलह वर्ष का का होगा, प्लास्टिक सर्जरी से उसका लिंग ठीक कराया जाएगा। इसमें नपुसंकता नहीं आएगी, क्योंकि उसकी अंड ग्रन्थि को कोई नुकसान नहीं पंहुचा है।
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