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रक्षा सौदों में दलाली को जड़ से खत्म करेगी सरकार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2013 08:44 PM IST
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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद में दलाली मामले में घिरी केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि रक्षा सौदों में दलालों की भूमिका बिल्कुल खत्म कर दी जाएगी।
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इस मुद्दे पर घूसखोरी के आरोप और सियासी हमलों से आहत रक्षा मंत्री एके एंटनी ने संसद सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले कहा कि देश की गरीब जनता और करदाताओं के टैक्स के पैसे को इस क्षेत्र के लालची दलालों तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
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रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार रोकने के मकसद से एंटनी ने निजी कंपनियों को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आने का खुला न्यौता दिया है। उन्होंने बुधवार को ऐलान किया कि रक्षा उत्पादन में आने वाली कंपनियों को हर तरह की सरकारी मदद दी जाएगी। रक्षा मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि सरकार रक्षा उत्पाद व खरीद पॉलिसी की दोबारा समीक्षा कर उसमें ऐसे संशोधन करने जा रही है, जिससे निजी कंपनियां इस ओर आकर्षित हों।
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डीआरडीओ की आर्मी एयर डिफेंस के अंतरराष्ट्रीय समारोह के दौरान एंटनी ने कहा कि रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए जरूरी है कि रक्षा उत्पादन जल्द से जल्द देश में ही शुरू किया जाए। उन्होंने सरकार की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि डीआरडीओ, सरकारी और निजी कंपनी मिशन के तौर पर इस इस काम में जुट जाएं।
रक्षा मंत्री ने सौदों में पूरी पारदर्शिता की वकालत करते हुए कहा कि पिछले दिनों छह सौदों की दलाली में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया गया।
रक्षा मंत्री ने सेना के तीनों अंगों से भी कहा है कि रक्षा उत्पादों का आयात अंतिम उपाय होना चाहिए। वह उसी उत्पाद को वरीयता दें जो अपने देश में उपलब्ध हैं। एंटनी के मुताबिक सरकार के सभी घटक एक दूसरे की खूबियों को समझते हुए रक्षा उत्पाद को देश के भीतर ही शुरू करने की दिशा में काम करें।
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आयात की सूरत में उसी देश से सौदा किया जाएगा जहां की सरकार खुद पूरी पारदर्शिता के साथ फैसले में शामिल हो। हालाकि कई रक्षा उत्पादों में रुस, फ्रांस और इस्राइल के साथ इसी आधार पर भारत का करार हो चुका है। लेकिन अब हर उत्पाद के लिए इन्हीं नियमों का पालन किया जाएगा।