चीन नहीं आ रहा बाज, फिर घुसा भारतीय सीमा में

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लेह/एजेंसी Published by: Updated Tue, 09 Jul 2013 09:28 PM IST
chinese troops enter indian border

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अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे चीन ने लद्दाख में एक बार फिर घुसपैठ कर भारतीय सेना के बंकरों को तहस नहस कर दिया। 17 जून को हुई इस घटना का खुलासा मंगलवार को हुआ।
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चीनी सैनिकों ने लद्दाख के चुमार सेक्टर में घुसपैठ कर न सिर्फ बंकर तोड़ दिए, बल्कि तार काट कर वे वहां लगे कैमरे को भी अपने साथ ले गए।

अप्रैल में भी इसी इलाके में चीन ने घुसपैठ की थी, जिसके बाद सीमा पर तनाव काफी बढ़ गया था। तब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने दौलत बेग ओल्डी में 19 किमी भीतर घुसकर वहां अपने पांच टैंट गाड़ दिए थे।


लेह से करीब 300 किमी दूर स्थित चुमार सेक्टर ही भारत-चीन सीमा पर इकलौता ऐसा क्षेत्र है जहां पीएलए की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक सीधी पहुंच नहीं है।

वहां भारतीय सेना ऊंचाई पर होने के कारण लाभ की स्थिति में है और जिस स्थान पर कैमरा लगा था। वहां से चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती थी।

सेना के सूत्रों ने 17 जून को हुई घुसपैठ की पुष्टि की है। सूत्रों ने बताया कि हालांकि यह कैमरा काम नहीं कर रहा था।

तापमान बेहद नीचे गिरने की वजह से यह पहले ही खराब हो गया था। लेकिन जब चीनी सैनिकों के कैमरा उठाकर ले जाने का पता चला तो चुशूल में चीन के साथ 19 जून को फ्लैग मीटिंग कर घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री एके एंटनी की चीन यात्रा से एक दिन पहले 3 जुलाई को हुई दोनों पक्षों की बैठक में चीनी सैन्य अधिकारियों ने कैमरा लौटा दिया था।

सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री एके एंटनी की 4 से 7 जुलाई के बीच हुई चीन यात्रा के दौरान 17 जून की घटना का मुद्दा विशेष तौर पर तो नहीं उठा, बल्कि एलएसी पर होने वाली घुसपैठ और अन्य घटनाओं को रोकने के नए उपाय करने की जरूर चर्चा की गई।

मालूम हो कि चीन चुमार पर अपना दावा जताता रहा है और उसके हेलीकॉप्टर लगभग हर साल ही वहां घुसपैठ करते रहे हैं।

चुमार की अहमियत
चुमार की स्थिति ऐसी है, जहां से भारतीय सेना एलएसी के उस पार चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर पूरी नजर रख सकती है। भारतीय सेना ने यहां तक सड़क भी बना रखी है, जिससे वह यहां पर ट्रकों से सामान भी ला सकती है।

दूसरी ओर भारत-चीन सीमा पर चुमार ही ऐसा इकलौता क्षेत्र है, जहां पीएलए की एलएसी तक सीधी पहुंच नहीं है। चुमार को चीन अपना इलाका बताता रहा है। चुमार अक्साई चिन इलाके को जोड़ता है। अक्साई चिन पर चीन का अवैध कब्जा है।

क्या है वजह
एलएसी पर चुमार की सामरिक अहमियत की वजह से चीन चुमार क्षेत्र में भारतीय सेना के वॉच टावर बनाए जाने का विरोध कर रहा है।

इसी के चलते चीनी सैनिकों ने 15 अप्रैल को दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में 19 किमी भीतर घुसकर टैंट गाड़ दिए थे। 21 दिन बाद भारतीय सेना ने पांच मई को जब यह निगरानी टावर हटा लिया, तब ही चीनी सैनिक वहां से हटे थे।

लेकिन भारतीय सेना ने अपना वॉच टावर और बंकर हटाने के बाद वहां कैमरा लगा दिया, ताकि एलएसी के उस पार चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पता चलने चीनी सैनिकों ने अब इस कैमरे को तोड़ दिया।

पहले भी हुई है घुसपैठ
21 मई, 2013: चुमार इलाके में दो चीन हेलीकॉप्टर काफी देर तक मंडराते रहे। इस दौरान फूड, कैन, सिगरेट के पैकेट और स्थानीय भाषा में लिखे कागज भी गिराए।
17 मई, 2013: चीनी सैनिकों ने लद्दाख में पांच किमी तक अंदर पहुंच फिंगर-8 इलाके में भारतीय गश्ती दल को गश्त करने से रोक दिया।
15 अप्रैल, 2013: चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्दी (डीबीओ) में 19 किमी भीतर तक घुसपैठ कर वहां तंबू लगाकर अपनी चौकी स्थापित कर ली थी।

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