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सुषमा के लिए चीनी राष्ट्रपति ने तोड़ दी पुरानी परंपरा

Mon, 02 Feb 2015 07:58 PM IST
Updated Mon, 02 Feb 2015 07:58 PM IST
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Chinese President broke the old tradition for sushma swaraj

भारत चाइना संबंधों को नए आयाम देने के लिए चीन पहुंची भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग परंपरा तोड़कर उनसे मिलने पहुंचे। शी जिनपिंग और सुषमा स्वराज की मुलाकात काफी गर्मजोशी वाली रही।

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आमतौर पर चीन में राष्ट्रपति के अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मिलने की परम्परा नहीं रही है। लेकिन भारतीय विदेश मंत्री के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने परंपरा और प्रोटोकॉल दोनों तोड़ते हुए उनसे मुलाकात की।
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दोनों नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत हुई। इसके बाद सुषमा स्वराज ने एपेक देशों की फोरम को संबोधित किया। जहां उन्होंने विभिन्न पक्षों के सामने भारतीय नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इससे पूर्व सुषमा स्वराज ने अपने चीनी समकक्ष से भी विभिन्न मुद्दों को लेकर लंबी मंत्रणा की थी।
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एपेक (एशिया पेसेफिक इकोनोमिक कारपोरेशन) देशों के अपने संबोधन में स्वराज ने शंघाई कारपोरेशन आर्गनाइजेशन की सदस्यता में सहयोग देने के लिए चीन और रुस का आभार जताया। इस दौरान रुस चीन और भारत के विदेश मंत्री की मुलाकात भी हुई।

सुषमा ने पेश किया था तीन सूत्रीय मॉडल

Chinese President broke the old tradition for sushma swaraj

इससे पूर्व बीजिंग के अपने पहले दौरे पर आईं विदेश मंत्री ने भारत-चीन संबंधों को मजबूत बनाने के लिए रविवार को छह सूत्री मॉडल पेश किया। सुषमा ने भारत-चीन मीडिया फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों को व्यापक आधार वाले द्विपक्षीय संबंधों, सहयोग के नए क्षेत्रों, क्षेत्रीय और वैश्विक हितों को साथ लेकर इसे एशिया की सदी बनाने के लिए काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पिछले आठ महीनों में भारत में कई बदलाव हुए हैं। सुषमा ने कहा कि भारत-चीन संबंध आज उस स्तर पर पहुंच चुके हैं जहां हम उन क्षेत्रों के बारे में बात कर सकते हैं जिनके बारे में एक साल पहले सोचा नहीं जा सकता था।

दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को बनाने और उन्हें विस्तार देने में काफी प्रगति की है। इससे शांति बनाए रखने और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि भारत चीन के साथ लगती सीमा विवाद के जल्द समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

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