'चीनी घुसपैठ के पीछे है सोची समझी रणनीति'
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने चीनी नेताओं की भारत यात्रा के दौरान सीमा पर घुसपैठ के संदर्भ में कहा है कि इन घटनाओं के पीछे कोई सोची समझी रणनीति हो सकती है। हालांकि उन्होंने चीन या किसी अन्य देश के नेता का सीधे तौर नाम नहीं लिया।
वायु सेना के सालाना प्रेस कांफ्रेंस में चीनी सेना की हाल की घुसपैठ पर पूछे गए सवाल पर राहा ने कहा कि वह इस मामले में किसी तरह का कयास नहीं लगा रहे। उन्होंने चीनी सेना की तरफ इशारा करते हुए सवाल खड़ा किया कि उनके बड़े नेताओं की यात्रा के वक्त ही घुसपैठ की घटना क्यों होती है। यह एक गुत्थी है।
उन्होंने कहा कि आप सभी को पता है कि कूटनीति में कई तरह के संकेत दिए जाते हैं, विशेषकर हमारे उत्तरी पड़ोसी की ओर से। मेरे हिसाब से इन घटनाओं का कोई संकेत हो सकता है। लेकिन मैं यह कयास लगाने नहीं जा रहा हूं कि इन घटनाओं का सही मायने में क्या उद्देश्य था।
चीन के संबंध में दिया गया बयान अहम
राहा रक्षा मामलों के अति महत्वपूर्ण चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) के अध्यक्ष भी हैं। सीओएससी सेना के तीनों कमान के उच्च अधिकारियों की कमेटी है जो सामरिक और ऑपरेशनल मामलों में सरकार को सलाह देती है। इस परिप्रेक्ष्य में राहा का चीन के संबंध में दिया गया यह बयान अहम माना जा रहा है।
सेना के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक राहा ने अपने बयान से आगाह किया है कि चीनी सेना की घुसपैठ सोची समझी और बने बनाए डिजाइन के तरह होती है। ताकि सरकार के स्तर पर हो रही बातचीत और समझौते को मनोवैज्ञानिक दबाव में रखा जा सके।
गौरतलब है कि पिछले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के पहले ही चीनी सैनिक लद्दाख के चुमार और डेमचक के विवादित क्षेत्र में घुस गए। सीमा पर पंद्रह दिन के तनाव के बाद कूटनीतिक स्तर पर हुई बातचीत के बाद दोनों सेनाएं पीछे हट गईं।