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चीन की सीनाजोरीः भारतीय जवानों को गश्त करने से रोका

Mon, 05 Aug 2013 09:20 AM IST
लेह/नई दिल्ली/एजेंसी
लेह/नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 05 Aug 2013 09:20 AM IST
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chinese armies stops army from patrolling in indian territory

भारतीय सीमा में आए दिन घुसपैठ करने वाला चीन फिर सीनाजोरी पर उतर आया है।

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चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की हिमाकत इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि वह अब भारतीय सैनिकों को अपनी ही सरजमीं पर पेट्रोलिंग करने से रोक रही है।

ड्रैगन की इस कार्यवाही को उसके आक्रामक रवैये के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इसे पिछले हफ्ते चीनी सैनिकों की घुसपैठ की एक अन्य वारदात के बाद भारतीय सैनिकों द्वारा शुरू किए गए ‘तिरंगा’ पेट्रोलिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगते उत्तरी लद्दाख में 14 किमी ऊंचाई पर स्थित दो चौकियों तक पेट्रोलिंग शुरू की थी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारी और हल्के वाहनों से आए चीनी सैनिकों ने पेट्रोलिंग कर रहे जवानों को रोका। चीनी सैनिकों ने एक बैनर भी दिखाया, जिसमें इलाके को चीनी क्षेत्र दर्शाया गया था और कहा कि भारतीय सैनिक इन दोनों चौकियों की तरफ नहीं बढ़ सकते हैं।
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सूत्रों ने कहा कि अपनी चौकियों की तरफ जा रहे भारतीय पेट्रोलिंग टीम को रोके जाने के वक्त चीनी सैनिकों का रवैया आक्रामक था।

ये दोनों चौकियां भारतीय क्षेत्र के अंदर आती हैं और इस साल अप्रैल से अब तक यहां तक के लिए 21 बार पेट्रोलिंग शुरू की गई लेकिन केवल दो बार ही यह पूरी हो सकी।
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निगरानी चौकी से रखता है नजर
चीन ने एलएसी पर एक निगरानी चौकी बना रखी है जहां से वह भारतीय सैनिकों की हर हरकत पर नजर रखता है। जैसे ही भारतीय पेट्रोलिंग पार्टी रवाना होने को तैयार होती है, उसी वक्त चीनी सैनिक आकर आधे रास्ते में उन्हें रोक देते हैं और वापस भेज देते हैं।

बीपीएम में उठाया जाएगा मुद्दा
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि चुशूल होने वाली अगली बार्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) के दौरान इस मामले को उठाया जाएगा। पिछली बीपीएम 27 जुलाई को हुई थी, जिसमें चीनी घुसपैठ और ड्रैगन द्वारा एलएसी पर टॉवरों के निर्माण पर विरोध जताया गया था।

पहले भी चीन कर चुका है हिमाकत
इस साल 15 अप्रैल को चीनी सैनिकों ने लद्दाख सेक्टर के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) और देपसांग बुल्गे में सैन्य वाहनों के साथ घुसपैठ की थी। चीनी सैनिक यहां 21 दिन तक तंबू गाड़कर बैठे रहे थे। 16 और 19 जुलाई को भी चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में करीब 1.2 किमी अंदर घुस आए थे।


इसके अलावा 17 और 20 जुलाई तथा 25-26 जुलाई की रात को भी सीमा पार से घुसपैठ की गई। ये घुसपैठ की घटनाएं लेह से 300 किमी दूर स्थित चुमार और डेमचोक इलाके में हुई।

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