सीमा विवाद पर मोदी की चीन को खरी-खरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन से साफ शब्दों में कहा है कि वह अरुणाचल प्रदेश और सीमा जैसे मुद्दों के प्रति अपनी नीतियों पर फिर से विचार करे, जिस वजह से पिछले कई दशकों से भारत और चीन के आपसी रिश्तों में अक्सर ठहराव की स्थिति पैदा होती रही है।
पीएम ने जोर देते हुए कहा कि आपसी रिश्तों की प्रगति के रास्ते में विवाद आडे़ नहीं आने चाहिए। पीएम मोदी का बयान अपने चीनी पीएम ली केचियांग के साथ हुई उस बैठक के बाद आया है, जिसमें रेलवे, खनन, अंतरिक्ष, भूकंप विज्ञान, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में दस अरब डॉलर के रिकॉर्ड 24 समझौतों पर दस्तखत किए गए।
माना जा रहा है कि इन समझौतों से दोनों देशों के देशों के रिश्तों में नई गर्मजोशी आएगी। इससे दोनों देशों के व्यापारिक असंतुलन को सुधारने में मदद मिलेगी, जो इस समय चीन के पक्ष में है। बीजिंग में सभी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद पीएम शाम को ही शंघाई पहुंच गए, जहां उनकी शनिवार को कारोबारियों के साथ बैठक होनी है।
नत्थी वीजा देने जैसे मुद्दों के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार
इससे पहले दोनों नेताओं की बैठक के बाद आए साझा बयान में कहा गया, ‘द्विपक्षीय रिश्तों और दोनों देशों के लोगों के दूरगामी हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष सीमा मुद्दे का सक्रिय रूप से राजनीतिक हल निकालने को प्रतिबद्ध हैं।’
चीन की संसद के एक कक्ष में मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय रिश्तों को आगे ले जाने के लिए रणनीतिक नजरिया अपनाना चाहिए।
उन्होंने चीन से अरुणाचल के निवासियों को नत्थी वीजा देने जैसे मुद्दों के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सीमा के मसले पर हमने उचित, व्यावहारिक और आपसी सहमति से स्वीकार्य समाधान तलाशने पर सहमति जताई है। हम दोनों ने सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए हर तरह की कोशिश करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दर्शाई है।
ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में मोदी का भव्य स्वागत
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैंने यह भी दोहराया है कि इस संबंध में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के प्रति स्पष्टता महत्वपूर्ण है।’ पीएम ने कहा कि उन्होंने वीजा नीति और सीमापार नदियों के मामले में क्षेत्रीय चिंताओं के बारे में भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हम इस बात पर सहमत हुए कि हम आगे बढे़, एक दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशील हों, आपसी भरोसे को मजबूत करें, अपने मतभेदों को गंभीरता से सुलझाएं और लंबित मुद्दों का समाधान खोजें।
चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग से बातचीत में दोनों देशों के बीच अपने सैन्य अधिकारियों की ज्यादा से ज्यादा से सीमाई बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रखी जा सके।
ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में मोदी का भव्य स्वागत
पीएम मोदी शियान से जब बीजिंग पहुंचे तो उनका चीन की संसद (ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल) में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
चीनी नागरिकों के लिए ई-वीजा
आपसी भरोसे को बढ़ाने की दिशा में काम करने की पहल करते हुए पीएम मोदी ने चीनी नागरिकों के लिए ई -वीजा देने का भी ऐलान किया। हालांकि, खुफिया चिंताओं को दरकिनार कर मोदी के इस ऐलान की आलोचना की जा रही है। जबकि इस ऐलान से पहले विदेश सचिव एस जयशंकर ने भी कहा था कि अभी ई-वीजा पर फैसला नहीं लिया गया है।
मगर मोदी ने अपने संबोधन में इसका ऐलान कर दिया। मोदी ने कहा कि दुनिया की तकरीबन 33 फीसदी आबादी या तो भारतीय है या फिर चीनी, जबकि दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे को काफी कम जानते हैं। इसके लिए हमें प्राचीन काल में ज्ञान-विज्ञान की खोज में एक दूसरे देश का दौरा करने वाले यात्रियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
अगले महीने से खुल जाएगा नाथुला दर्रा
चीन यात्रा पर गए पीएम मोदी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा वैकल्पिक रास्ता यानी नाथुला दर्रे से गुजरने वाला रास्ता अगले महीने से खुल जाएगा, जिससे और अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों को यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा।
यह मार्ग जून में खुल जाएगा। इस मार्ग के खुल जाने से और अधिक संख्या में भारतीय लोग कैलाश-मानसरोवर की यात्रा कर सकेंगे। इस मार्ग से बस या कार से भी लोग वहां जा सकेंगे। इस समय यात्रा पर जाने के लिए अभी एक ही मार्ग उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होकर है।
ये हैं 24 समझौते
1: चेन्नई, चेंगदू में खुलेगा महावाणिज्य दूतावास
2:शिक्षा के आदान-प्रदान में सहयोग
3: स्किल डेवलपमेंट पर सहयोग
4:चीन के सहयोग से अहमदाबाद में स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट खुलेगा
5:दोनों देशों की रेलवे के बीच एक्शन प्लान
6:व्यापार क्षेत्र में सहयोग
7:साथ मिलकर काम करेंगे दोनों देशों के विदेश मंत्रालय
8:खनन और खनिज क्षेत्र में सहयोग
9:अंतरिक्ष क्षेत्र में साथ मिलकर काम करेंगे
10: दूरदर्शन-सीसीटीवी का साझा प्रसारण होगा
11: पर्यटन क्षेत्र में सहयोग
12:आयात के क्षेत्र में सेफ्टी रेगुलेशन
13: भारत-चीन के बीच बनेगा थिंक टैंक फोरम
14: चीन के डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर और नीति आयोग के बीच सहयोग
15:भूकंप विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सहयोग
16:समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग
17:भू-विज्ञान क्षेत्र में सहयोग
18:भारत-चीन स्टेट लीडर्स फोरम बनेगा
19: कर्नाटक-सिचुआन का साझा विकास
20: चेन्नई, चोंगकिंग का साझा विकास
21:हैदराबाद और शिंगदाओ का साझा विकास
22:औरंगाबाद और दूनहुआंग का साझा विकास
23: गांधीवादी अध्ययन के लिए सेंटर
24: भारत के सहयोग से चीन के कुनमिंग में खुलेगा योग कॉलेज