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2050 तक चीन को पीछे छोड़ देगा भारत
एजेंसी/पेरिस
Updated Thu, 03 Oct 2013 03:48 AM IST
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हमारी आबादी अगर इसी अनुपात में बढ़ती रही तो साल 2050 तक भारत दुनिया का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश हो जाएगा। नए फ्रांसीसी अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है। इसके मुताबिक, तब तक दुनिया की आबादी 9.7 अरब पहुंच जाएगी।
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फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोग्राफिक स्टडीज के अनुमान के मुताबिक, इस दौरान भारत एक अरब साठ करोड़ की आबादी के साथ चीन को बहुत पीछे छोड़ देगा। चीन की मौजूदा आबादी ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ के चलते अभी 1.3 अरब है और आगे भी स्थिर रहेगी, 2050 में भी लगभग 1.3 अरब होगी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, उस वक्त विश्व की कुल आबादी वर्तमान के सात अरब 10 करोड़ से बढ़कर नौ अरब 70 करोड़ हो जाएगी। मौजूदा समय में दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन है, उसकी कुल अनुमानित जनसंख्या एक अरब 30 करोड़ है। जबकि अभी एक अरब 20 करोड़ की आबादी के साथ भारत दूसरे पायदान पर है और 31 करोड़ 62 लाख के साथ अमेरिका तीसरे नंबर, 24 करोड़ 85 लाख के साथ इंडोनेशिया चौथे नंबर और 19 करोड़ 55 लाख की आबादी के साथ ब्राजील पांचवें स्थान पर है।
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यह अध्ययन संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक द्वारा जनसंख्या को लेकर किए गए शोध का समर्थन करता है। जून में प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की आबादी साल 2050 तक नौ अरब 60 करोड़ के आसपास होगी।
फ्रेंच स्टडी के वरिष्ठ शोधकर्ता गिल्स पिसन के मुताबिक, बीती दो सदियों में मानव जनसंख्या में सात गुना बढ़ोतरी हुई है। अनुमान के मुताबिक यह सदी के अंत तक 10 अरब के आसपास होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, नाइजीरिया, अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, ब्राजील, बांग्लादेश, कांगो उस वक्त बड़ी आबादी वाले देश होंगे।
बढ़ती आबादी की चुनौतियां
- बढ़ती जनसंख्या लोगों में आवास की समस्या को बढ़ाएगी। बड़े महानगरों में आज भी बड़े पैमाने पर लोगों के पास रहने को घर नहीं है। ऐसी स्थिति में आबादी बढ़ने से झुग्गियों की संख्या में इजाफा होगा।
- संसाधनों पर जबरदस्त दबाव बढ़ेगा, क्योंकि हमारी आबादी जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उस रफ्तार से हम संसाधन नहीं बढ़ा पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में हमारे सामने रोजगार सहित कई तरह की आर्थिक और सामाजिक संकट होंगे। लोगों का जीवन स्तर गिर भी सकता है।
- बढ़ती आबादी को आवास मुहैया कराने के लिए हमें बड़े पैमाने पर जंगलों को साफ करके बस्तियां बसानी होगी, जिससे ग्लोबल वार्मिंग का भी संकट खड़ा हो सकता है।
वरदान भी हो सकती है आबादी
- बढ़ती आबादी से देश में शहरीकरण तेजी से होगा। इस दौरान कई छोटे शहर भी बड़े अर्थिक केंद्र के तौर पर उभर सकते हैं।
- देश में काम करने लायक पर्याप्त मात्रा में युवा शक्ति होगी, जो न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर में श्रम की मांग को पूरा कर सकती है। बशर्ते हमारी सरकारों को उनके उचित प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
- जब आबादी बढ़ेगी तो देश में मांग भी बढ़ेगी और उसकी पूर्ति स्वरूप अर्थिक क्रियाएं भी बढ़ेगी। दुनिया का सबसे बड़ा ग्राहक होने के कारण पूरी विश्व की अर्थिक क्रिया भारत में ही केंद्रित हो जाएगी।
वर्तमान में शीर्ष जनसंख्या वाले देश
1- चीन: एक अरब 30 करोड़
2- भारत: एक अरब 20 करोड़
3- अमेरिका: 31 करोड़ 62 लाख
4- इंडोनेशिया: 24 करोड़ 85 लाख
5- ब्राजील: 19 करोड़ 55 लाख