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चीन का मेगाप्लान, कोलकाता तक चलाएगा ट्रेन

Thu, 18 Jun 2015 04:10 PM IST
एजेंसी/कूमिंग
एजेंसी/कूमिंग Updated Thu, 18 Jun 2015 04:10 PM IST
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china tries to make route kuming to kolkata

प्राचीन रेशम मार्ग को फिर से बहाल करने की अपनी महत्वाकांक्षी कोशिशों के तहत चीन अब कूमिंग से कोलकाता के बीच तेज रफ्तार वाला रेल लिंक बनाना चाहता है।

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यह रेल लिंक म्यांमार और बांग्लादेश से होकर गुजरेगा। यह प्रस्ताव हाल ही में चीन के दक्षिण पश्चिम यून्नान प्रांत के शहर कूमिंग में हुई वृहद् मेकांग उपक्षेत्र (जीएमएस) की बैठक में रखा गया।
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माना जा रहा है कि चीन के इस प्रस्ताव से उसके द्वारा शुरू की गई पहल बांग्लादेश, चीन, भारत और म्यांमार (बीसीआईएम) बहुआयामी कॉरिडोर परियोजना में तेजी आएग
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भारत ने भी दिखाई रुचि

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यून्नान प्रांत की सरकार के वाइस सेक्रेटरी ली जी मिंग ने कहा, ‘हम इस परियोजना के पक्ष में हैं। हाईस्पीड कॉरिडोर म्यांमार और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्थाओं में मददगार साबित होगा।’

मिंग ने इशारा किया कि इस परियोजना को एशियाई विकास बैंक जैसी बहुपक्षीय संगठनों के जरिए वित्तीय मदद की दरकार होगी। चीन रेशम मार्ग (सिल्क रूट) के लिए कूमिंग से कोलकाता के बीच संपर्क जोड़ना चाहता है।

मिंग ने बताया कि भारत ने भी इस परियोजना में रुचि दिखाई है। उन्होंने भारत से इन परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी करने की अपील भी की।

2800 किमी लंबा होगा यह रूट

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मिंग ने कहा, ‘हमें यह जानकर खुशी हुई कि सत्ता संभालने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लुक ईस्ट नीति को और आगे ही बढ़ाया है। हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देश साथ मिलकर काम करेंगे और क्षेत्र में प्रभावी और बडे़ भागीदार के तौर पर अहम भूमिका निभाएंगे।

बीसीआईएम कॉरिडोर को जोड़ने वाली इस परियोजना का रेल रूट 2800 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे व्यापार और संपर्क की बहाली होगी। चीन ने सिल्क रूट के लिए 40 अरब डॉलर के निवेश करने का संकल्प जताया है।

माना जा रहा है कि इस रूट में तकरीबन 132 अरब डॉलर की कारोबारी क्षमता है। चीन का यून्नान प्रांत बीसीआईएम और जीएमएस के लिए भौगोलिक लिहाज से भी उपयुक्त है।

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