यहां नोट जलाकर पैदा की जा रही बिजली
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क्या भला नोट जलाकर भी बिजली बनाई जा सकती है? जवाब है हां, बिल्कुल ऐसा हो सकता है। चीन तो बाकायदा अपनी मुद्रा यानि कि अपने नोटों को जलाकर बिजली पैदा कर रहा है।
अब आपके जेहन में सवाल उठ रहा होगा कि भला इससे क्या फायदा? ये तो नुकसान का सौदा लगता है लेकिन पूरी खबर पढ़ने के बाद आपको इन सवालों के जवाब भी मिल जाएंगे।
दरअसल चीन के सेंट्रल बैंक ने बिजली बनाने वाली कंपनी से कहा है कि वो पुराने नोटों को जलाकर बिजली बना ले।
माना जा रहा है कि इससे दो फायदे होंगे, पहला ये कि बिजली बनाने में होने वाला प्रदूषण अपेक्षाकृत कम होगा और दूसरा ये कि कोयले की खपत भी कुछ कम होगी।
इस तरह के नोटों का हुआ इस्तेमाल
चीन के हेनान राज्य के लूयांग शहर में एक कंपनी ने बिजली बनाने के लिए उन नोटों को इस्तेमाल किया जो बैंक में रद्दी पड़े थे। इसके बाद बड़े पैमाने पर इस बात की चर्चा हुई।
बीबीसी में छपी खबर के मुताबिक कंपनी ने बिजली बनाने के लिए जिन नोटों का इस्तेमाल किया वह बेकार थे। कोयले से बिजली बनाने की अपेक्षा इन रद्दी नोटों से बिजली बनाना ज्यादा सस्ता और बेहद कम प्रदूषण वाला है।
सिन्हुआ एजेंसी के हवाले से बीबीसी ने बताया कि एक टन नोटों से 600 किलोवाट से भी ज्यादा बिजली बनाई जा सकती है। सेंट्रल बैंक ने भी कहा है कि नोट से बिजली बनाना सस्ता तरीका है।
सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं हैं। एक यूजर ने लिखा है कि,"नोटों में आग? लूयांग बहुत अमीर शहर है।"
एक अन्य शख्स ने वेबियो पर लिखा कि,"मैं पूरा साल बिना बिजली के रह लूंगा बशर्ते मुझे उसके बराबर के नोट दे देना।" और एक अन्य ने लिखा,"प्लीज मुझे नौकरी पर रख लो, मैं नोट नहीं चुराऊंगा।"