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‘घुसपैठ’ शब्द पर राजी नहीं हुआ चीन

Tue, 21 May 2013 12:11 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 21 May 2013 12:11 AM IST
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china not agreed on infiltration word

द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा भरने के लिए भारत आए चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग ने घुसपैठ को महज घटना ही करार दिया।

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हालांकि भारत की तरफ से लगातार कोशिश हुई कि संयुक्त बयान में घटना की जगह किसी भी तरह घुसपैठ शब्द दर्ज कराने के लिए चीन राजी हो जाए। मगर चीन इसके लिए किसी भी कीमत पर तैयार नहीं हुआ।

बाद में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घुसपैठ का जिक्र किया तो चीनी प्रधानमंत्री ने इसे घटना बताया।

सूत्रों के मुताबिक भारत ने अंत समय तक संयुक्त बयान में घुसपैठ का जिक्र कराने की कोशिश की, मगर चीन के इसके लिए तैयार नहीं हुआ। बाद में संयुक्त बयान में सीमा विवाद जैसे शब्द तो आए, मगर घुसपैठ का कहीं जिक्र नहीं हो पाया।
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उल्लेखनीय है कि लद्दाख में हुई हालिया चीनी घुसपैठ के मामले को मनमोहन सिंह ने बेहद प्रमुखता से उठाया। इस तरह की घुसपैठ पर रोक की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के बिना द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती नहीं आ सकती।
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उनका कहना था कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए इसका समाधान जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन से पहले हुई बैठक में ली ने भी प्रधानमंत्री की चिंताओं पर सहमति जताई। मगर जब संयुक्त बयान में घुसपैठ के जिक्र की बात आई तो चीन इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

दरअसल चीन अरुणाचल प्रदेश को जहां अपना हिस्सा मानता है, वहीं लद्दाख क्षेत्र की वास्तविक नियंत्रण सीमा को भी विवादित मानता है। अगर चीन घुसपैठ शब्द दर्ज कराने पर राजी होता तो इसका यह संदेश जाता कि उसने एलएसी पर अपनी सहमति दे दी है।


ली केचियांग ने सोनिया से की मुलाकात
चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। ली सोनिया से मिलने उनके दस जनपथ निवास पर पहुंचे।

बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ कर्ण सिंह भी मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि सोनिया ने ली से दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने पर जोर दिया। वहीं ली ने भी उन्हें इस संबंध में आश्वासन दिया।

साथ ही दोनों देशों के रिश्तों को उतार चढ़ाव के दौर से उबार कर आगे बढ़ाने पर भी दोनों नेताओं के बीच वार्ता हुई।

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