भारत को 'गरीब देश' न समझें: चीनी मीडिया
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चीनी मीडिया ने भारत और चीन के नागरिकों से एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने की अपील की है। मीडिया का मानना है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा से चीनियों के पास भारत को लेकर अपनी 'गलतफहमी' दूर करने का एक मौका है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इन दिनों तीन दिन के भारत दौरे पर हैं और उन्होंने बुधवार को अपनी यात्रा अहमदाबाद से शुरू की है।
विदेशी नेताओं का राजधानी दिल्ली में स्वागत करने की परंपरा के उलट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी की अपने घरेलू शहर में अगवानी की।
'एक-दूसरे से सीखें'
राष्ट्रपति शी के दौरे को चीनी मीडिया में जमकर सुर्खियां मिल रही हैं। 'चाइना डेली' लिखता है कि बैठक का माहौल 'मैत्रीपूर्ण' रहा और चीन के गुआंगडोंग राज्य और गुजरात के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
'ग्लोबल टाइम्स' अपने संपादकीय में लिखता है कि चीन में कुछ लोग मानते हैं कि भारत 'गरीब' है, और कई लोग इसे 'लोकतंत्र' के रूप में देखते हैं। लेकिन दोनों ही विचार एक्सट्रीम यानी 'अतिरेक' हैं।
अखबार का कहना है कि चीन और भारत को एक-दूसरे से सीखना चाहिए क्योंकि दोनों की कई समस्याएं एक जैसी हैं, मसलन अत्यधिक आबादी, विकास की कमजोर बुनियाद और संसाधनों की कमी।
सरकारी न्यूज पोर्टल 'चाइना नेट' के एक लेख के अनुसार भारतीयों और चीनियों को एक-दूसरे के बारे में कई गलतफहमियां हैं लेकिन जिनपिंग की यात्रा से चीनियों के पास भारत के प्रति अपनी धारणा बदलने का एक मौका है।