'चीन नहीं बदल सकता जमीनी हकीकत'
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नक्शे में अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताने की चीन की एक बार फिर की गई करतूत पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नक्शे बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती। हकीकत यह है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।
पिछले हफ्ते जारी इस नक्शे में चीन ने साउथ चाइना के विवादित समुद्री इलाके को भी अपना हिस्सा बताया है।
विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ चीन गए प्रतिनिधिमंडल के जरिए यह आपत्ति जताई जा सकती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन यात्रा के दौरान इस मुद्दे को खासतौर पर उठाएंगे।
चीन ने फिर दोहराई करतूत
अंसारी चीन के साथ हुए पंचशील समझौते के साठ साल पूरा होने के मौके पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने बीजिंग गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी भारतीय राजनीतिक शख्सियत की यात्रा के दौरान चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपनी दावेदारी का शिगूफा छोड़ा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पहले भी कई बार चीन के इस दावे को खारिज करते हुए वहां की सरकार को अपनी दावेदारी के बारे में बता चुका है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत को दबाव में रखने की रणनीति के तरह चीन ऐसी खुराफात करता रहता है।