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चीन की नई चाल, एवरेस्ट के नीचे टनल बनाकर नेपाल तक रेल पटरी

Fri, 10 Apr 2015 03:26 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Apr 2015 03:26 PM IST
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China is planning to build a tunnel under Mount Everest

भारत के लिए आए दिन नई परेशानियां पैदा करने वाला लाल ड्रैगन अब भारत के लिए नई मुसीबत खड़ी करने जा रहा है। आपको बता दें कि चीन माउंट एवरेस्ट के नीचे टनल बनाकर नेपाल तक अपने देश की सीमा को रेल लाइन से जोड़ने की योजना बना रहा है।

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चीन के एक रेल विशेषज्ञ वांग मेंग्सू ने बताया कि यह रेल लाइन कोमोलांग्मा से होकर गुजरेगी और नेपाल तक जाएगी इसलिए कर्मचारियों को काफी कड़ी मेहनत करनी होगी।
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उन्होंने बताया कि इस रेल लाईन की उंचाई में परिवर्तन के लिहाज से यह काफी शानदार है और इस रेल लाइन पर चलने वाली रेलगाड़ियों को पर्वतीय इलाका होने के कारण 120 किमी से अधिक स्पीड से नहीं चलाया जाएगा।
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गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब चीन की नेपाल तक पहुंचने वाली टनल के बारे में खुलासा हुआ है। चीन ने इससे पहले किंघाई-ल्हासा लाइन को नेपाल तक बिना टनल खोदे पहुंचाने की योजना बनाई थी।

भारत के बाजार तक पहुंच चाहता है ड्रैगन

China is planning to build a tunnel under Mount Everest

सूत्रों के मुताबिक इस टनल को बनाने के पीछे का चीन का उद्देश्य यह है कि नेपाल तक पहुंचने का एक छोटा रास्ता तलाशा जाए जिससे भारत के उभरते हुए बाजार तक पहुंच बनाई जा सके। खबर तो यह भी है कि चीन अपने बांग्लादेश-चीन-इंडिया-म्यामार वाले प्रोजेक्ट में नेपाल को भी शामिल करने की योजना बना रहा है क्योंकि भारत ने भी इस कोरिडोर के लिए दिलचस्पी दिखाई है।

वांग ने बताया कि अगर यह परियोजना हकीकत का रुप लेती है तो द्विपक्षीय कारोबार विशेषकर कृषि संबंधी उत्पादों को बल मिलेगा साथ ही साथ इससे पर्यटन को भी बढा़वा मिलेगा।

आपको बता दें कि काठमांडू के आग्रह पर शुरु किया गया नेपाल रेल लाइन प्रोजक्ट साल 2020 तक पूरा हो जाएगा। इस परियोजना पर बातचीत उस वक्त हुई थी जब चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पिछले साल दिसंबर के महीने में काठमांडू गए थे।

चीन ने पिछले साल अगस्त के महीने तक 253 किमी लंबी रेल लाइन बिछा दी थी। इसमें ल्हासा लाइन को आगे बढ़ाया गया है जो जिगेज की तरफ बढ़ रही है। यह नेपाल सीमा से लगे तिब्बत का दूसरा बड़ा शहर है।

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