पेशावर हमले में बच गया दाऊद इब्राहिम, लेकिन कैसे?
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यूं तो किसी भी मां-बाप को यह अच्छा नहीं लगता कि उनका बेटा स्कूल न जाए, लेकिन पाकिस्तान के दाऊद इब्राहिम का उस दिन स्कूल न जाना मां-बाप के लिए सबसे खुशी का दिन था। ये है पाकिस्तान के पेशावर में हुए आतंकी हमले का दिन, जिसने सैकड़ों घरों को मातम के आगोश में ले लिया।
इस हमले में 132 बच्चे मारे गए थे, लेकिन उस दिन सुबह दाऊद समय से नहीं उठ सका और स्कूल जा पाया। उस दिन दाऊद स्कूल जाता तो शायद उसके साध भी कोई अनहोनी हो सकती थी। दाऊद 9वीं कक्षा में पढ़ता है और अपनी क्लास का एकलौता बच्चा है, जो उस दिन स्कूल नहीं गया था।
एक्प्रेस ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक, दाऊद सोमवार की शाम को अपने परिवार के साथ एक शादी में गया था। मंगलवार की सुबह उसे उठने में देर हो गई, जिसके चलते वह समय से तैयार न हो पाने की वजह से स्कूल नहीं जा पाया।
किस्मत अच्छी है दाऊद की
दाऊद के भाई सूफयान ने कहा कि दाऊद की किस्मत अच्छी है कि वह सुबह समय से नहीं उठा पाया, क्योंकि सोमवार की रात हम सभी एक शादी समारोह में गए थे। भाई ने कहा कि मंगलवार शाम को दाऊद अपने उन्हीं दोस्तों के जनाजे में शरीक हुआ, जिनके साथ एक दिन पहले वह पढ़ने गया था।
सूफयान ने कहा, "दाऊद अभी किसी से बात नहीं कर रहा है, बल्कि वह बात ही नहीं कर रहा है। वह अंडर-16 जूडो टीम में है और मजबूत दिल का बच्चा है, लेकि अभी वह किसी से बात नहीं कर रहा है। पूरे दिन वह अपने ही दोस्तों के जनाजे से लौटा है। उसकी क्लास का कोई भी बच्चा नहीं बचा है, हर किसी को मार दिया गया है।"