दर्दनाक: बाल्टी में डूबा डेढ़ साल का बच्चा, मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थोड़ी सी सतर्कता इस हादसे को टाल सकती थी। पल भर की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। आंगन में खेल रहा डेढ़ साल का बच्चा पानी से भरी बाल्टी में मुंह के बल जा गिरा। मुंह पानी में था, मासूम सांस भी नहीं ले सका। कुछ पल के लिए उसके पैर छटपटाए, उसे मदद की दरकार थी। लेकिन इससे पहले कि किसी की नजर पड़ती उसका नन्हा शरीर शांत होता गया। कुछ कदम की दूरी पर मां किचन में खाना बना रही थी। जब बाहर आई तो लाडले का शरीर ठंडा पड़ चुका था। इस हादसे से पूरा गांव तो हिल ही गया, इलाके में जिसने भी सुना उसका कलेजा मुंह को आ गया।
यूपी में बिलारी कोतवाली क्षेत्र के गांव मिलक नगलियाजट में संदीप की पत्नी लक्ष्मी दोपहर के समय रसोई में खाना बना रही थीं। उनका डेढ़ वर्षीय बेटा ऋषि कुमार घर के आंगन में खेल रहा था। आंगन में ही पानी से भरी हुई बाल्टी भी रखी हुई थी। खेलते समय किसी तरह से ऋषि कुमार बाल्टी के पास पहुंच गया और उसी के सहारे खड़ा गया। पानी में हाथ से छपाके मारते - मारते अचानक उसका बैलेंस बिगड़ा और वो सिर के बल पानी से भरी बाल्टी में जा गिरा। बच्चा सांस नहीं ले पाने की वजह से छटपटाया लेकिन उसकी आवाज भी नहीं निकल सकी।
सांस नहीं ले पाने के कारण उसकी मौत हो गई। थोड़ी देर में जब लक्ष्मी ने रसोई से बाहर आकर अपने बच्चे को तलाशा तो बेटे को पानी से भरी बाल्टी में डूबा देख उनकी चीख निकल गई। थोड़ी देर में पूरा गांव जुट गया। हादसे से संदीप के घर कोहराम मचा है। बाल्टी में फंसे बच्चे को बमुश्किल बाहर निकाला गया।
मुरादाबाद में भी हुआ था ऐसा हादसा
बिलारी के गांव नंगलिया जट में जो हादसा हुआ है ठीक वैसा ही हादसा करीब डेढ़ साल पहले मुरादाबाद में भी हो चुका है। इस हादसे में भी डेढ़ साल का मासूम बच्चा पानी की बाल्टी में डूब गया था। इसके अलावा बाथरूम में बंद होने से तो कभी कार में बंद हो जाने से भी मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। थोड़ी सी सावधानी इन हादसों को टाल सकती है।
बच्चों को हादसों से बचाने को बरतें सतर्कता
- छोटे बच्चों के खेलते वक्त उन पर निरंतर नजर रखें।
- बच्चों की पहुंच में आने वाले बिजली स्विच/ प्लग टैप कर दें।
- बिजली के उपकरणों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
- यदि प्रथम तल पर रहते हैं तो जीने का दरवाजा लॉक रखें।