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‘मुख्यमंत्री पूछते नहीं, केंद्रीय मंत्री मिलते नहीं’

Sat, 16 Feb 2013 12:05 AM IST
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया Updated Sat, 16 Feb 2013 12:05 AM IST
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chief minister not ask ministers not meet

देशभर में कांग्रेस को मिशन 2014 के लिए तैयार करने के मकसद से पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से बुलाई गई मैराथन बैठक के पहले दिन प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं ने खुद की उपेक्षा का खुलकर इजहार किया।

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राहुल गांधी ने प्रदेश पदाधिकारियों को बिना किसी झिझक और डर के बोलने के लिए जैसे ही हौसला बढ़ाया कि बड़े केंद्रीय मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री निशाने पर आ गए। दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने दो टूक कह दिया कि मुख्यमंत्री तो संगठन को पूछतीं तक नहीं। न कार्यक्रमों में बुलाती हैं और न ही दिल्ली से जुड़ी योजनाओं में फोटो तक छपवाती हैं। शीला दीक्षित ने इस बात का जोरदार तरीके से खंडन किया।
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उधर, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को लेकर ज्यादातर प्रदेश अध्यक्षों ने जमकर विरोध किया। छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने आरोप लगाया कि वह विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कुछ ज्यादा ही दोस्ताना दिखाकर उनके लिए सरकार का खजाना खोल रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों ने कहा कि संगठन में अच्छा काम और गलत काम करने वाले दोनों को पुरस्कार मिलता है। विरोध के सुर बढ़ते देख राहुल को संयम बरतने के लिए कहना पड़ा।
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बैठक के पहले दिन में मौजूद 45 लोगों में 32 लोगों ने अपनी बात रखी। जबकि बाकी के 32 लोग कल फिर राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखेंगे। आंध्र प्रदेश, बिहार, पंजाब, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। जबकि शनिवार को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और तमिनलाडु आदि राज्यों के लोग बोलेंगे।

ज्यादातर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों ने सरकार और प्रदेश संगठन के बीच तालमेल के अभाव को ही मुद्दा बनाया। जहां प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें सत्तारूढ़ है, वहां के मुख्यमंत्रियों पर निशाना साधा गया और सरकारें नहीं है, वहां के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला।

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शिकायत की कि प्रदेश अध्यक्ष हमारे अपने हैं तो कांग्रेस में हरियाणा के कई बड़े नेता खुलेआम आरोप लगाते है कि वह हमारी पॉकेट में रहते हैं। ऐसे लोगों पर लगाम लगानी चाहिए। शीला दीक्षित और जयप्रकाश अग्रवाल में जमकर भिड़ंत देखने को मिली। जयप्रकाश ने प्रदेश कांग्रेस की उपेक्षा का आरोप लगाया तो शीला ने इन आरोपों को नकारा।

दूसरी ओर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांति लाल भूरिया और विधायक दल के नेता अजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया तो प्रदेश कांग्रेस को पूछते नहीं। कभी कार्यालय नहीं आते। अपने दौरे की जानकारी तक नहीं देते।


पंजाब में विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि अकाली दल कांग्रेस नेताओं को झूठे मुकदमे में फंसाने में लगा हुआ है। खासकर छात्र संगठन एनएसयूआई के युवकों को फंसाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस और केंद्र सरकार को इन युवाओं की मदद करनी चाहिए।

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