आखिर सदन से क्यों चले गए केजरीवाल?
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दिल्ली विधानसभा में पहले दिन सभी की निगाहें आम आदमी पार्टी के नए विधायकों पर लगी रही हैं। हालांकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके दो मंत्रियों के शपथ के तुरंत बाद चले जाने से सदन में हंगामा भी हुआ।
विपक्ष के सदस्यों ने इसे सदन का अपमान बताया।
वहीं आम आदमी पार्टी के विधायक सदन में टोपी पहनकर आए, जिस पर नारे लिखे थे। इसे प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों का उल्लंघन बताया गया। इस मामले में भाजपा नेता विजय जौली ने प्रोटेम स्पीकर चौधरी मतीन अहमद को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई।
केजरीवाल ने ली सबसे पहले शपथ
सदन में शपथ ग्रहण दोपहर बाद 2:10 बजे पर शुरू हुआ। पहला शपथ अरविंद केजरीवाल का हुआ और दूसरा मनीष सिसोदिया का था। करीब 10 मिनट बाद 2:20 बजे अरविंद केजरीवाल सदन से चले गए।
उनके जाने पर भाजपा विधायक साहब सिंह चौहान ने कहा है कि यह सदन का अपमान है। जब पहले से पता था कि सदन की कार्यवाही इस दौरान चलेगी तो फिर मीटिंग फिक्स नहीं करनी चाहिए थी। बैठक सदन कार्यवाही के बाद भी की जा सकती थी।
भाजपा के पूर्व विधायक विजय जौली ने सदन में आम आदमी पार्टी के विधायकों के नारे वाली टोपी पहनकर आने, परिसर में चुनाव निशान झाड़ू लगाकर रिक्शा लाने पर आपत्ति जताई।
टोपी पर जौली ने जताई आपत्ति
जौली ने कहा कि विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियम 261 की उपधारा 15 और 17 में स्पष्ट लिखा है कि सदन में किसी तरह का बिल्ला न लगाएंगे और न ही प्रदर्शित करेंगे।
सदन में झंडे, प्रतीक या कोई नमूना प्रदर्शित नहीं करेंगे। लेकिन सत्ताधारी पार्टी के विधायकों ने ऐसा किया है।
प्रोटेम स्पीकर चौधरी मतीन अहमद को लिखी गई चिट्ठी में नियमों का हवाला देकर कहा है कि यह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।
वहीं सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का कहना है कि टोपी पर कहीं भी पार्टी का नाम नहीं लिखा था। मैं आम आदमी हूं लिखी टोपी पहनकर आना गलत नहीं है। हालांकि विधानसभा सचिवालय के अधिकारी इसे लेकर दिक्कत में हैं।