फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Chidambaram's statement on Rushdie

रुश्दी पर चिदंबरम के बयान से कांग्रेस में तकरार

Mon, 30 Nov 2015 06:47 AM IST
Updated Mon, 30 Nov 2015 06:47 AM IST
विज्ञापन
Chidambaram's statement on Rushdie

राजीव गांधी सरकार द्वारा 27 साल पहले लेखक सलमान रुश्दी की किताब ‘द सटैनिक वर्सेज’ पर पाबंदी लगाने के फैसले को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के गलत बताने पर कांग्रेस दो खेमों में बंट गई है।

विज्ञापन


पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने जहां चिदंबरम का समर्थन किया है, वहीं हंसराज भारद्वाज और संदीप दीक्षित ने तीखी आलोचना की है। इस बीच रुश्दी ने ट्वीट कर कहा है कि गलती स्वीकार करने में ही कांग्रेस को 27 साल लग गए। अब इसे सुधारने में कितना वक्त लगेगा।
विज्ञापन


चिदंबरम के बचाव में उतरे मनीष तिवारी ने कहा कि इस स्वीकारोक्ति में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि 27 साल पहले अगर कुछ गलत हुआ था और वह अब इसे स्वीकार कर रहे हैं तो इसका सही भावना के साथ स्वागत किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रुश्दी की किताब पर कांग्रेस में तकरार

Chidambaram's statement on Rushdie

वहीं पूर्व कानून मंत्री और राज्यपाल रहे भारद्वाज ने इस फैसले को राष्ट्रहित में लिया गया फैसला करार दिया। उन्होंने कहा कि तब चिदंबरम बच्चे थे। राजीव गांधी ने जो कुछ किया उस पर मुझे गर्व है।

आखिर रुश्दी के दर्शन को बेच कर देश को क्या मिल रहा था। पार्टी के एक अन्य नेता और शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने भी चिदंबरम की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि 27 साल बाद किसी फैसले के औचित्य पर सवाल खड़ा करना सही नहीं है। चिदंबरम उस समय क्यों चुप थे। अगर कुछ गलत हो रहा था तो उन्हें उसी समय अपनी राय पार्टी और सरकार के सामने रखनी चाहिए थी।

मालूम हो कि चिदंबरम ने शनिवार को एक कार्यक्रम में रुश्दी की किताब पर प्रतिबंध लगाने के राजीव गांधी सरकार के फैसले को गलत ठहराया था।

उन्होंने कहा था कि मुझे यह स्वीकार करने में थोड़ी भी हिचक नहीं है कि प्रतिबंध का फैसला एक गलती थी। दरअसल उस दौरान मुस्लिम संगठनों के तीखे विरोध के बीच राजीव सरकार ने किताब पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed