छोटा राजन को खुफिया तरीके से लाया जाएगा भारत
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अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के प्रत्यर्पण का मिशन बेहद खुफिया होगा। किसी को कानों कान खबर नहीं होगी कि छोटा राजन इंडोनेशिया से कब चला और कब मुंबई पहुंच गया। मुंबई अपराध शाखा के सूत्रों की मानें तो 25 साल बाद पहली बार डॉन की दिवाली मुंबई में मनेगी।
वह भी जेल की उस सेल में, जिसमें कभी मुंबई पर हमले के दोषी आतंकी अजमल कसाब को रखा गया था। आशंका है कि प्रत्यर्पण मिशन की खुफिया बातें अगर लीक हुईं, तो दाउद के गुर्गे छोटा राजन को भारत आने से पहले ही अपना निशाना बना सकते हैं।
छोटा राजन को भारत लाने के लिए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा तीन महीने से सक्रिय थी। सूत्रों का कहना है कि जुलाई महीने में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम की छोटा शकील से हुई बातचीत को अपराध शाखा ने पकड़ लिया था।
अब तक नहीं बदली है नागरिकता
इस बातचीत में दाउद ने शकील के साथ छोटा राजन को मारने की योजना बताई थी। उसके बाद से ही अपराध शाखा चौकन्नी हो गई और छोटा राजन के ठिकानों की तलाश शुरू कर दी थी।
यह भी कहा जा रहा है कि राजन की गिरफ्तारी के पीछे सीबीआई की नहीं बल्कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की मुख्य भूमिका है। दाउद इब्राहिम से लेकर 1993 मुंबई बम ब्लास्ट का मुख्य सूत्रधार टाइगर मेमन और अबू सलेम जैसे लोगों ने भारत से भागने के बाद अपनी नागरिकता बदल ली है, लेकिन छोटा राजन आज भी भारतीय नागरिक है।
मुंबई पुलिस अपराध शाखा के एक अधिकारी के मुताबिक 25 साल तक देश से बाहर रहने के बावजूद उसने भारतीय नागरिकता कायम रखी है और इसी नागरिकता के चलते उसकी सुरक्षित भारत वापसी संभव हो सकेगी। मुंबई पुलिस छोटा राजन के गुर्गों की कुंडली खंगालने में भी जुटी है।
अपराध शाखा ने राजन से जुड़े 353 लोगों की फाइलें इकट्ठा की हैं, जिसमें से कई सजायाफ्ता हैं, तो कुछ अब भी जेल में बंद हैं। छोटा राजन से जुड़े कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जमानत पर हैं।