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मुंबई में छोटा राजन की सुरक्षा केंद्र के लिए बनी सिरदर्द

Fri, 06 Nov 2015 08:36 AM IST
Updated Fri, 06 Nov 2015 08:36 AM IST
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chhota rajan Security

महाराष्ट्र पुलिस और आईबी के बीच विश्वसनीयता तथा तालमेल की कमी की वजह से केंद्र सरकार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को मुंबई में रखने से हिचक रही है।

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एजेंसियों को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक दाऊद इब्राहिम गिरोह का अहम सरगना छोटा शकील राजन को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

सुरक्षा तंत्र को अंदेशा है कि अगर डी-कंपनी मुंबई में छोटा राजन को क्षति पहुंचाने में कामयाब हो गई तो भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी किरकिरी होगी। पहले ऐसे कई मौके आए हैं जब मुंबई पुलिस ने आईबी की बात नहीं मानकर अपनी मनमानी की है।
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खुफिया विभाग के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र पुलिस और राजनीति में दाऊद के लोगों की गहरी पैठ है। पूछताछ में अपना राज खुलने के डर से सारा तंत्र राजन का मुंह बंद करने के लिए बड़ी साजिश को अंजाम दे सकता है।
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मुंबई में रखने से डर रही सरकार

chhota rajan Security

हालांकि मुंबई में छोटा राजन की पैठ भी कम नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों को दूसरा अंदेशा यह है कि मुंबई में दोनों गैंग के बीच एक बार फिर खून-खराबे का दौर शुरू हो जाएगा।

सूत्रों के अनुसार राजन ने विदेश में रहते हुए ही मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार जे डे की हत्या करवा दी थी। इस हत्या की चार्जशीट में छोटा राजन को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुरू में राजन की मांग कर रहे थे लेकिन उसकी सुरक्षा से संबंधी मामले के बारे में समझाए जाने के बाद वह शांत हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि छोटा राजन को दिल्ली में रखने के लिए फिलहाल स्पेशल सेल में तैयारी की गई है। हालात को देखते हुए उसे सीबीआई या नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपा जा सकता है।

हालांकि इन दोनों एजेंसियों को पास राजन के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं है। केंद्र का फैसला हुआ तो ये एजेंसियां नई एफआईआर दर्ज कर सकती हैं।

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