फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Chhota Rajan back in Mumbai

छोटा राजन की वापसी से मुंबई में बढ़ सकता है गैंगवार

Wed, 28 Oct 2015 05:02 AM IST
Updated Wed, 28 Oct 2015 05:02 AM IST
विज्ञापन
Chhota Rajan back in Mumbai

कुख्यात डॉन छोटा राजन के स्वदेश वापसी से मुंबई में खत्म हो चुका अंडरवर्ल्ड एक बार फिर पांव पसार सकता है। इससे मुंबई में गैंगवार के बढ़ने की आशंका है।

विज्ञापन


छोटा राजन को मुंबई लाए जाने की संभावना के मद्देनजर साथ छोड़ने वाले साथी फिर उसकी टीम से जुड़ने की फिराक में हैं। बीते दो दिन से छोटा राजन के चेंबूर के तिलक नगर घर में जुटने वाले लोगों को देखकर तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है।
विज्ञापन


छोटा राजन को अंडरवर्ल्ड की दुनिया में दाऊद इब्राहिम के बाद नंबर टू माना जाता है। मुंबई पुलिस के सूत्रों की माने तो छोटा राजन का गिरोह खत्म होने की कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसके गुर्गे ही उसका साथ छोड़ चुके हैं लेकिन नई चीजें सामने आ रही हैं कि उसके गुर्गे फिर अपने बॉस के लिए काम करने के लिए तैयार हो सकते हैं। ऐसे में मुंबई में रहकर छोटा राजन अपनी गैंग को न सिर्फ बढ़ा सकता है बल्कि मुंबई में दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क को भी खासा नुकसान पहुंचा सकता है।

डी कंपनी के निशाने पर छोटा राजन

Chhota Rajan back in Mumbai

वहीं, छोटा राजन डी कंपनी यानी दाऊद इब्राहिम के निशाने पर है। डी कंपनी के छोटा शकील का दावा है कि उसकी सूचना पर ही छोटा राजन को बाली में गिरफ्तार किया गया। छह महीने पहले छोटा शकील के गुर्गों ने उसे मारने की कोशिश की थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजन को उसके ही गैंग के लोगों ने धोखा दिया जिसके चलते वह पकड़ा गया। तर्क दिया जा रहा है कि जिन लोगों ने उसे धोखा दिया, वे इस बात से नाराज थे कि उन्हें बड़े काम के बदले कम पैसे मिलते थे।

वजह जो भी हो लेकिन छोटा राजन को पकड़े जाने और स्वदेश वापसी के मद्देनजर मुंबई में गैंगवार बढ़ने के कयास लगाए जाने लगे हैं।

फिर से जुड़ने की फिराक में हैं साथ छोड़ने वाले साथी

Chhota Rajan back in Mumbai

मुंबई पुलिस के एक अधिकारी की मानें तो दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन के बीच छिड़ी यह दुश्मनी फिर से गैंगवार का रूप धारण कर सकती है।

डी कंपनी छोटा राजन को कमजोर करने के लिए उसके गुर्गों को खत्म करने की कोशिश करेगा। इसके जवाब में छोटा राजन की ओर से भी दाऊद के  पंटरों को निशाना बनाया जाएगा। इससे दाऊद और राजन के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ेगी जो गैंगवार के रूप में तब्दील हो सकती है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी वाई.पी.सिंह का कहना है कि छोटा राजन की वापसी के बाद गैंगवार की संभावना बहुत कम है क्योंकि गैंगस्टर अब इनवेस्टर बन चुके हैं। छोटा राजन के कई गुर्गे उसका साथ छोड़कर रियल एस्टेट कारोबारी बन गए है। अब पहले जैसा अंडरवर्ल्ड का माहौल भी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed