फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Chhattisgarh Sterilisation Camp Death Toll - 14 Died Till Now

छत्तीसगढ़ में मरने वाली महिलाओं की संख्या हुई 14

Thu, 13 Nov 2014 03:57 PM IST
Updated Thu, 13 Nov 2014 03:57 PM IST
विज्ञापन
Chhattisgarh Sterilisation Camp Death Toll - 14 Died Till Now

छत्तीसगढ़ में नसबंदी शिविरों में महिलाओं की मौत का मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है। अब तक मृतकों की संख्या 14 तक पहुंच गई है। बिलासपुर के अलावा पेंड्रा के नसबंदी शिविर में भी महिलाओं की मौतों का मामला सामने आया है।

विज्ञापन


पेंड्रा के शिविर में संरक्षित बैगा जनजाति की दो महिलाओं का आपरेशन करने का भी मामला सामने आया, जिनकी नसबंदी कलेक्टर की अनुमति के बगैर नहीं की जाती है। बैगा महिलाओं में से एक की मौत हो गई है।
विज्ञापन


अब तक प्रारंभिक तौर पर सेप्टीसीमिया के कारण कई अंगों के काम बंद करने (मल्टी आर्गन फेलुअर) को मौत का कारण माना जा रहा है। वहीं सरकारी हलकों में सिप्रोप्रोक्सिन-500 जैसी कुछ दवाओं को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मानवाधिकार आयोग ने जारी किया नोटिस

Chhattisgarh Sterilisation Camp Death Toll - 14 Died Till Now

बिलासपुर और पेंड्रा के नसबंदी शिविरों में आपरेशन कराने वाली 14 महिलाओं की मौत का आंकड़ा अब तक सामने आ रहा है। बिलासपुर शिविर में आपरेशन कराने वाली महिला की मौत की पुष्टि प्रशासन नहीं कर रहा है।

पेंड्रा नसबंदी शिविर की सात महिलाओं को गंभीर हालत में बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) में भर्ती कराना पड़ा। इसमें से एक बैगा महिला की मौत भी हो गई है।

पेंड्रा नसबंदी शिविरों से प्रभावित सात महिलाओं को सिम्स में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने इस्तीफे की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है।

इस बीच छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस जारी किया और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस राज्य सरकार को जारी होने के बाद सरकारी हलकों में खासी चिंताएं देखी जा रही हैं।

प्रभावी रहा कांग्रेस का बंद

Chhattisgarh Sterilisation Camp Death Toll - 14 Died Till Now

डॉ. डीडी नाग सीएमओ जगदलपुर ने भी पुष्टि की है कि वहां भी नसबंदी शिविर में आपरेशन कराने वाली महिलाओं की हालत बिगड़ी थी। मुख्यमंत्री रमनसिंह के निवास पर आज बैठकों का दौर चलता रहा।

अखिल भारतीय. आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली से मेडिकल विशेषज्ञों की टीम ने आज घटनास्थलों का दौरा किया और सिम्स, अपोलो व किम्स केयर में भर्ती प्रभावितों की स्थिति का जायजा लिया।

एम्स की टीम के प्रमुख डॉ. रंजन त्रिखा ने कहा कि वह पूरी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और पहली प्राथमिकता यह है कि ज्यादा संख्या में मौतें न हों। उन्होंने कहा कि अभी दी जा रही दवाईयों की गुणवत्ता ठीक पाई गई है और मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

कांग्रेस ने पूरे छत्तीसगढ़ में बंद का आयोजन किया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में आयोजित किया गया बंद प्रभावी रहा। लोगों ने अपने कार्यालय और प्रतिष्ठान बंद रखे। रायपुर में कांग्रेस के नेता विकास उपाध्याय को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

राज्य सरकार को मोदी का डर

Chhattisgarh Sterilisation Camp Death Toll - 14 Died Till Now

स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल जिस तरह से पूरे मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं, सरकार के तौर तरीकों पर सवाल खड़े हुए हैं। अमर अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि इस्तीफे का कोई प्रश्न नहीं है। मुख्यमंत्री और संगठन इस बारे में निर्णय लेंगे।

बैगा आदिवासी महिला की मौत की बात को वह लगातार नकारते रहे कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री रमनसिंह ने भी मंगलवार को कहा था कि स्वास्थ्य मंत्री कोई आपरेशन नहीं करने जाता है।

राज्य सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डर साफ नजर आ रहा है। एम्स की टीम से मुख्यमंत्री रमनसिंह ने खुद बैठक करके पूरी स्थिति की जानकारी ली है। लेकिन जिस तरह से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और दूसरे शिविरों के प्रभावितों को भी अस्पताल लाया जा रहा है, उससे सरकार पर बड़ा नैतिक दबाव है। राज्य में नगरीय निकायों के चुनाव सिर पर हैं। कांग्रेस इस मौके को किसी तरह हाथ से नहीं जाने देना चाहती।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed