छत्तीसगढ़ पुलिस ने मांगे शहीद के अंतिम संस्कार के पैसे
सरकारी व्यवस्था का एक हैरान कर देने वाला चेहरा सामने आया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक शहीद के अंतिम संस्कार में खर्च हुए 10 हजार रुपए शहीद के परिवार से वापस मांगे हैं। शहीद किशोर पांडेय ने 2011 में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लड़ते हुए अपनी जान गंवाई थी।
बताया जा रहा है कि छत्तीगढ़ के गरियाबंद जिले के पुलिस लाइन में तैनात एक रिजर्व इंस्पेक्टर ने दाह संस्कार के लिए अपनी जेब से 10 हजार रुपए दिए थे लेकिन पुलिस महकमे ने इंस्पेक्टर को ये पैसे वापस नहीं किए थे।
इंस्पेक्टर की ओर से शहीद के कफन-दफन में खर्च किए 10 हजार रुपए को दिलाने के लिए छत्तीगढ़ पुलिस ने शहीद के परिवार को ही चिट्ठी भेजकर पैसे देने की मांग कर डाली। बताया जा रहा पिछले कुछ महीनों में शहीद के परिवार को 10 हजार रुपए चुकाने के लिए कई चिट्ठियां भेजी गईं थी लेकिन मामला मीडिया में आने से छत्तीसगढ़ पुलिस ने अब अपना रुख बदला है।
नहीं लिए जाएंगे शहीद के परिजनों से पैसे
मीडिया में ये मामला आने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार हरकत में आई और शहीद के परिजनों से पैसे वापस लेने का फैसला टाल दिया। छत्तीसगढ़ सरकार ने ने एक बयान जारी कर कहा है कि शहीद के अंतिम संस्कार में खर्च हुए रुपयों का वहन छत्तीसगढ़ सरकार ही करेगी।
सरकार ने कहा कि शहीद के अंतिम संस्कार में इंस्पेक्टर की ओर से खर्च किए गए रुपए अब शहीद के परिवार से नहीं मांगे जाएंगे क्योंकि ये पैसे खुद राज्य सरकार देगी। इसके साथ ही गरियाबंद के एसपी ने गैरप्रशासनिक कल्याणनिधि से इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए लौटा दिए हैं।
बर्खास्त हुआ अधिकारी
शहीद के परिवार को चिट्ठी भेजकर 10 हजार रुपए मांगने वाले मामले को तूल पकड़ता देख राज्य सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने शहीद के परिजनों को नोटिस भेजने वाले एक निचले स्तर के अधिकारी को बर्खास्त कर दिया है।